

NEET UG Paper Leak Modi Statement: देश भर में चर्चित नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से बेहद अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कड़ा संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, वहीं दूसरी ओर सीबीआई इस हफ्ते विशेष अदालत में सेवानिवृत्त प्रोफेसर पी. वी. कुलकर्णी समेत 13 आरोपियों के खिलाफ अपनी पहली विस्तृत चार्जशीट दाखिल करने जा रही है।
इस बीच, जांच एजेंसी ने मामले में बड़ा मोड़ लाते हुए पूर्व में संदिग्ध माने गए संजीव कुमार मुखिया को क्लीन चिट दे दी है। सीबीआई का कहना है कि संजीव कुमार के खिलाफ इस आपराधिक साजिश में शामिल होने का कोई ठोस या प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला है।
पेपर लीक के तार खंगालते हुए सीबीआई की एक विशेष टीम महाराष्ट्र के लातूर में डेरा डाले हुए है। सीबीआई ने एक प्रतिष्ठित कॉलेज के केमिस्ट्री प्रोफेसर से करीब छह घंटे तक लगातार पूछताछ की और उनका मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारियों को डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जो बताते हैं कि परीक्षा से तीन दिन पहले केमिस्ट्री का प्रश्नपत्र उनके मोबाइल पर आया था, हालांकि प्रोफेसर ने दावा किया है कि उन्होंने वह फाइल खोलकर नहीं देखी थी।
इसी सिलसिले में सीबीआई ने लातूर के मशहूर कोचिंग सेंटर 'रेनुकाई करियर सेंटर' (RCC) के संचालक और मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के संस्थान में पढ़ने वाली प्रोफेसर की बेटी को भी हॉल टिकट के साथ तलब कर तीन घंटे अलग से पूछताछ की।
सीबीआई ने दिल्ली की अदालत को सूचित किया है कि मुख्य आरोपियों के मोबाइल फोन से हाथ से लिखे 132 केमिस्ट्री के प्रश्न बरामद किए गए थे। फोरेंसिक जांच में यह बात साबित हुई है कि इनमें से 111 सवाल सीधे मुख्य नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते हैं।
NEET पेपर लीक मामले की मुख्य साजिश में पुणे के रिटायर्ड लेक्चरर पी. वी. कुलकर्णी (जो एनटीए के पेपर सेटर पैनल से जुड़े थे), एनटीए की विषय विशेषज्ञ मनीषा मांढरे, कोचिंग एमडी शिवराज मोटेगांवकर और डॉ. मनोज भगवानराव शिरूरे के नाम शामिल हैं। इन पर आरोप है कि भारी रिश्वत देकर प्रश्नपत्र लीक कराए गए और परीक्षा से पहले छात्रों को उत्तर हल करवाए गए थे।
कल्याण और मुंबई की अदालत में बंद मुख्य आरोपी डॉ. मनोज शिरूरे और शिवराज मोटेगांवकर की जमानत याचिकाओं पर सीबीआई की विशेष अदालत शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को अपना फैसला सुनाएगी। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने इसे केवल साधारण पेपर लीक न मानकर 'देश और युवाओं के खिलाफ अपराध' बताते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया है।
उल्लेखनीय है कि पेपर लीक की पुष्टि के बाद एनटीए ने 12 मई 2026 को आयोजित मूल परीक्षा रद्द कर दी थी, जिसके बाद 21 जून 2026 को दोबारा (Re-NEET) परीक्षा आयोजित कराई गई थी, जिसका परिणाम भी घोषित किया जा चुका है।