सीजेआई गवई पर जूता फेंकने की घटना पर भड़की NCP(SP), मुंबई में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

Supreme Court: राकांपा (एसपी) ने सीजेआई गवई पर जूता फेंकने की घटना को संविधान पर हमला बताया। मुंबई व संभाजीनगर में विरोध प्रदर्शन हुए, बार काउंसिल ने वकील का लाइसेंस निलंबित किया।
Sharad Pawar
शरद पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai News: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-शरदचंद्र पवार के नेताओं ने भारत के प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई पर एक वकील द्वारा जूता फेंकने की कोशिश करने की घटना की निंदा करते हुए मंगलवार को मुंबई व महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि यह संविधान व लोकतंत्र पर हमला है।

सैकड़ों प्रदर्शनकारी हुतात्मा चौक पर एकत्र हुए और बाद में उनमें से कुछ कार्यकर्ताओं ने दक्षिण मुंबई में मंत्रालय के पास डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। पार्टी के एक कार्यकर्ता ने बताया कि उन्होंने पहले हुतात्मा चौक से आंबेडकर प्रतिमा तक रैली निकालने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली। राकांपा (शरदचंद्र पवार) की राज्य इकाई के प्रमुख शशिकांत शिंदे, पार्टी की मुंबई इकाई की प्रमुख राखी जाधव और अन्य समर्थकों ने प्रधान न्यायाधीश गवई पर ‘हमले' की निंदा करते हुए नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने बाद में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा के सामने बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। अप्रिय घटनाओं को रोकने और इलाके में वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। विपक्षी दल ने छत्रपति संभाजीनगर में भी इसी तरह का विरोध प्रदर्शन किया, जहां पार्टी विधायक रोहित पवार के नेतृत्व में समर्थकों ने तख्तियां लेकर डॉ. बीआर. आंबेडकर और संविधान की प्रशंसा में नारे लगाए।

रोहित पवार ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश गवई पर ‘हमला' संविधान और लोकतंत्र पर हमला करने का एक प्रयास था। उन्होंने सवाल किया, “यह बेहद निंदनीय घटना है। छोटी-छोटी बातों पर तुरंत ट्वीट करने वाले भाजपा नेताओं ने इस बारे में सात-आठ घंटे बाद ट्वीट किया और वह भी तब, जब जनता का आक्रोश सामने आने लगा। इसे क्या समझा जाए?”

वकील राकेश किशोर (71) ने सोमवार को नयी दिल्ली स्थित उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश गवई की अदालत में उनकी ओर जूता फेंकने का प्रयास किया, जिसके बाद ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया' ने तत्काल प्रभाव से उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया। किशोर ने मंच के पास पहुंचने के बाद अपना जूता निकाला और प्रधान न्यायाधीश गवई की ओर फेंकने की कोशिश की। अदालत कक्ष के अंदर मौजूद सतर्क सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और इस हमले को नाकाम कर दिया। -एजेंसी इनपुट के साथ

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