महंगाई के विरोध में शरद पवार गुट ने सड़क पर जलाया चूल्हा, रोहित पवार व जितेंद्र आव्हाड समेत कई नेता हिरासत में

Sharad Pawar Faction Protest: नवी मुंबई में शरद पवार गुट ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ सड़क पर चूल्हा जलाकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने रोहित पवार, जितेंद्र आव्हाड और सुप्रिया सुले सहित कई को हिरासत में लिया।
NCP SP Protest In Navi Mumbai
नवी मुंबई में विरोध प्रदर्शन करते शरद पवार गुट के नेता व कार्यकर्ता (सोर्स: एक्स@RRPSpeaks)
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NCP SP Protest In Navi Mumbai: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने बढ़ती महंगाई के विरोध में नवी मुंबई में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी के प्रमुख नेता रोहित पवार, जितेंद्र आव्हाड और शशिकांत शिंदे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं महिला पुलिसकर्मियों ने रोहिणी खडसे और सक्षणा सलगर को भी हिरासत में लिया। आंदोलन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है।

सड़क पर चूल्हा जलाकर बनाई रोटियां

प्रदर्शन के दौरान शरद पवार गुट के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर अनोखे अंदाज में विरोध जताया। उन्होंने सड़क किनारे चूल्हा जलाकर रोटी बनाई और महंगाई के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान रोहित पवार भी महिला कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे। रोहित पवार ने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और आम लोगों का जीवन मुश्किल होता जा रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि हुई है, घरेलू गैस और व्यावसायिक गैस सिलेंडर भी महंगे हो गए हैं, जिससे सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। हम आम जनता की आवाज बनकर सरकार तक उनकी समस्याएं पहुंचाने के लिए यह आंदोलन कर रहे हैं। सोई हुई सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार सुने या न सुने, लेकिन जनता के लिए लड़ना और उनकी आवाज उठाना हमारी जिम्मेदारी है।

आर्थिक स्थिति पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग

प्रदर्शन के दौरान सांसद सुप्रिया सुले ने भी केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है और इस विषय पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। मैं भारत सरकार से आग्रह करती हूं कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, जिसमें देश की आर्थिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा हो। यह राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि महंगाई से जूझ रहे आम नागरिकों का सवाल है।

सुप्रिया सुले ने आगे कहा कि संसद में पिछले छह महीनों से विपक्ष लगातार महंगाई और आर्थिक चुनौतियों का मुद्दा उठाता रहा है, लेकिन सरकार ने इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उनके अनुसार, बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर ईमानदार और आम नागरिकों पर पड़ रहा है। महंगाई के मुद्दे को लेकर हुए इस प्रदर्शन के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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