नवी मुंबई APMC में सूखी लाल मिर्च की आवक 60% घटी, थोक बाजार में दामों में भारी उछाल

Vashi APMC मसाला मार्केट में सूखी लाल मिर्च की आवक 60% घटने से दामों में भारी तेजी आई है। कम पैदावार और घटती बुआई के कारण कश्मीरी और कर्नाटक मिर्च के भाव रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।
Red Chillies
लाल मिर्च (सौ. सोशल मीडिया )
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Navi Mumbai APMC Red Chilli Price: वाशी स्थित मुंबई एपीएमसी की होलसेल मसाला मार्केट में सूखी लाल मिर्ची की आवक लगभग 60 प्रतिशत कम हो गई है, जिसके चलते थोक बाजार में दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है।

व्यापारियों के अनुसार पैदावार कम होने और किसानों द्वारा कम बुआई करने से बाजार में लाल मिर्च की सप्लाई घटी है। यदि आने वाले दिनों में आवक नहीं बढ़ी, तो इसकी कीमतों में और उछाल संभव है।

मौजूदा समय में वाशी स्थित एपीएमसी में कर्नाटक की लाल मिर्ची का भावः 300 से 550 रुपये प्रति किलो है। पिछले वर्ष इसकी कीमत 200 से 250 रुपए थी। वहीं इस साल कश्मीरी मिर्ची की वर्तमान कीमत 600 से 750 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

आंध्र की तेजा मिर्ची 250 रुपए किलो मिल रही

पिछले वर्ष इसकी कीमत 300 रुपये प्रति किलो थी। व्यापारियों ने बताया कि रंग और क्वालिटी के कारण इसकी मांग अधिक है। इस साल आंध्र की तेजा मिर्ची 250 रुपए किलो बिक रही है, पिछले वर्ष इसकी कीमत 150 रुपए प्रति किलो थी।

मिर्ची के थोक व्यापारी अमरीशलाल बरोट का कहना है कि उत्पादन कम होने और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण इस वर्ष बाजार में सूखी लाल मिर्ची की कीमत में मजबूती बनी हुई है। यदि नई फसल की आवक पर्याप्त नहीं हुई तो दरों में और तेजी आ सकती है।

शहरवासियों के घरेलू बजट पर पड़ेगा असर

गर्मी के मौसम में घर-घर में मसाले तैयार करने की परंपरा है। मिर्ची के बढे हुए दामों से घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है। यदि बाजार में पर्याप्त आवक नहीं बढ़ी, तो अन्य मसाले और महंगे हो सकते हैं। व्यापारियों ने बताया कि मिर्ची की पैदावार कम होने से मिर्ची और हल्दी दोनों में आने वाले महीनों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की पूरी संभावना है। व्यापारियों का कहना है कि कम उत्पादन, कम आवक और किसानों द्वारा घटाई गई बोआई के कारण वाशी स्थित एपीएमसी की मसाला मार्केट में इस समय तेजी का माहौल है।

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