पहली बारिश में ही टपकने लगा नवी मुंबई एयरपोर्ट, VIDEO देख लोग बोले- यही है 19,650 करोड़ का विकास?

Navi Mumbai Airport Viral Video: उद्घाटन के एक साल के भीतर ही पहली बारिश में टपकने लगा नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट। टर्मिनल के अंदर पानी गिरने का वीडियो वायरल होने पर भड़के नेटिजन्स।
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एयरपोर्ट की छत टपकते हुए (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Navi Mumbai Airport Leakage Video:  नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे भारत के सबसे आधुनिक विमानन केंद्रों में से एक के रूप में प्रचारित किया गया था, अब एक वायरल वीडियो के कारण विवादों के केंद्र में है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में टर्मिनल के भीतर छत से पानी टपकते हुए देखा जा सकता है, जिसने करोड़ों की लागत से बने इस इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि इस भव्य एयरपोर्ट के व्यावसायिक संचालन को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है, यानी यह इस एयरपोर्ट की पहली ही बारिश है। ऐसे में नेटिजन्स पूछ रहे हैं कि क्या यही है 19,650 करोड़ का विकास? इस आधुनिक और पॉश एयरपोर्ट पर जब मॉनसून ढंग से आने के पहले ही टप-टप पानी टपकने लगा तब लोग हैरान हो गए। लोगों ने पहली बार एयरपोर्ट पर इनबिल्ट रेन डांस का अनुभव लिया होगा।

बैगेज बेल्ट के पास झरना

यह घटना 17 जून 2026 की शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है, जब एयरपोर्ट के बैगेज बेल्ट नंबर 5 और 6 के ठीक ऊपर से पानी का रिसाव देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स ने इसकी तुलना उन अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं से करनी शुरू कर दी है, जो मानसून की पहली मार भी नहीं झेल पातीं। गौरतलब है कि इस भव्य एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में बड़े धूमधाम से किया था और इसे 'विकसित भारत' का प्रतीक बताया था। कमल के फूल से प्रेरित वास्तुकला वाले इस एयरपोर्ट को वैश्विक स्तर की सुविधाओं के लिए तैयार किया गया था।

प्रशासन की सफाई: छत नहीं, AC डक्ट था जिम्मेदार

विवाद बढ़ता देख नवी मुंबई एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत इस पर अपना पक्ष रखा। अधिकारियों का दावा है कि यह रिसाव छत की बनावट या स्ट्रक्चर में किसी खराबी की वजह से नहीं, बल्कि एयर-कंडीशनिंग डक्ट में आई समस्या के कारण हुआ था। प्रशासन के आधिकारिक बयान के अनुसार, टर्मिनल ऑपरेशंस टीम ने आधे घंटे के भीतर रिसाव को काबू में कर लिया और एक घंटे के भीतर प्रभावित हिस्से की सफाई कर उसे फिर से यात्रियों के लिए बहाल कर दिया। 18 जून से बैगेज बेल्ट फिर से पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

करोड़ों का खर्च और गुणवत्ता पर सवाल

लगभग 19,650 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह प्रोजेक्ट मुंबई के हवाई यातायात के बोझ को कम करने के लिए बनाया गया था। इसे लंदन और टोक्यो जैसे वैश्विक शहरों की तर्ज पर मुंबई को एक बड़ी पहचान दिलाने वाले मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है। व्यावसायिक संचालन शुरू होने के महज कुछ महीनों के भीतर आई इस तस्वीर ने बड़े प्रोजेक्ट्स में 'क्वालिटी कंट्रोल' और जवाबदेही पर एक नई बहस छेड़ दी है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या इतने महंगे प्रोजेक्ट्स में भी बुनियादी रखरखाव के मानकों की अनदेखी की जा रही है?

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