Mumbai Property Market की रफ्तार घटी, रजिस्ट्रेशन में 15% की गिरावट

Property Market In Mumbai: मुंबई में अक्टूबर 2025 में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में 15% गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती कीमतें और ऊंची ब्याज दरें खरीदारों को घर खरीदने से रोक रही हैं।
india-housing-sales-drop-2026-q1-west-asia-war-impact
मुंबई प्रॉपर्टी मार्केट (सौ. सोशल मीडिया )
Updated on

Real Estate Sector In Mumbai: मुंबई का प्रॉपर्टी बाजार इस बार त्योहारों की चमक में भी फीका पड़ा दिखा। नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे पारंपरिक शुभ अवसरों पर जहां घर खरीदारी में तेजी की उम्मीद रहती है, वहीं अक्टूबर 2025 में बिक्री के आंकड़े पिछले साल और पिछले महीने दोनों से नीचे रहे।

राज्य पंजीकरण एवं मुद्रांक विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 1 से 30 अक्टूबर 2025 के बीच मुंबई में 10,947 संपत्तियों का पंजीकरण हुआ, जिससे 980 करोड़ का स्टांप ड्यूटी राजस्व प्राप्त हुआ। जबकि अक्टूबर 2024 में 12,958 रजिस्ट्रेशन के साथ 1,205 करोड़ का राजस्व दर्ज हुआ था। यानी साल-दर-साल तुलना में 15% रजिस्ट्रेशन और 19% राजस्व की गिरावट दर्ज की गई है।

पिछले महीने सितंबर 2025 में 12,070 रजिस्ट्रेशन और 1,292 करोड़ का राजस्व मिला था। इस तुलना में भी अक्टूबर के आंकड़े काफी कमजोर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि औसतन रोजाना 364 रजिस्ट्रेशन की रफ्तार से यह संख्या महीने के अंत तक भी 12,000 के आंकड़े को नहीं छू पाएगी।

ईएमआई का बढ़ रहा बोझ

प्रॉपर्टी विश्लेषकों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे कई अहम वजहें हैं। पिछले एक साल में घर की कीमतों में 8-12% तक बढ़ोतरी हुई है। बैंक लोन की ब्याज दरें ऊंची बनी रहने से ईएमआई बोझ बढ़ गया है। इससे कई संभावित खरीदारों ने अपने फैसले फिलहाल टाल दिए है। सस्ती और मध्यम आय वर्ग की परियोजनाओं की कमी, बाजार में लक्जरी प्रोजेक्ट की भरमार है, लेकिन किफायती घरों की आपूर्ति सीमित है। ऐसे में सैलरी बेस्ड वर्ग, जो सबसे बड़ा खरीदार समूह है, उनके लिए विकल्प घट गए हैं। डेवलपर्स द्वारा भारी छूट न देना, प्रोजेक्ट अप्रूवल में देरी, पश्चिमी उपनगरों में नए लॉन्च टलना भी बिक्री में गिरावट की वजह बताई जा रही है।

विशेषज्ञों की राय

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के दौरान आमतौर पर बिक्री में 10-15% बढ़ोतरी होती है, लेकिन इस बार उलटा हुआ है। एक विश्लेषक के अनुसार, "बढ़ती कीमतों और स्थिर आय के कारण खरीदारों में थकान और सतर्कता दिख रही है।

अगर यही स्थिति रही तो आने वाले तिमाही में बिक्री और धीमी पड़ सकती है।" हालांकि, लंबी अवधि में मुंबई का बाजार मजबूत माना जा रहा है। मेट्रो कनेक्टिविटी, इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और निवेशकों की रुचि इसे सहारा दे रहे हैं। फिलहाल, बाजार में कंसोलिडेशन का दौर शुरू हो सकता है, जहां खरीदार सोच-समझकर कदम रखेंगे और डेवलपर कीमतों में अनुशासन दिखाएंगे।

मैट्रिक अक्टूबर 2025 सितंबर 2025 अक्टूबर 2024
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन 10,947 12,070 12,958
स्टांप ड्यूटी रेवेन्यू ₹980 करोड़ ₹1,292 करोड़ ₹1,205 करोड़
महीने के दिन 30 30 31
दैनिक औसत पंजीकरण ~364 ~402 ~418
Navbharat Live
navbharatlive.com