लोकल देखने का सपना रह गया अधूरा! मुलुंड हादसे में यूपी के ग्राम प्रधान रामधनी यादव की गई जान

Mulund Metro Pillar Collapse: मुंबई में निर्माणाधीन मेट्रो पिलर गिरने से उत्तर प्रदेश के एक ग्राम प्रधान की दर्दनाक मौत हो गई। वह पहली बार मुंबई घूमने और लोकल ट्रेन देखने का सपना लेकर आए थे।
Mulund Metro Pillar Collapse UP Sarpanch Ramdhani Yadav Death
मुलुंड मेट्रो हादसा (सोर्स: सोशल मीडिया)
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UP Sarpanch Ramdhani Yadav Death: सपनों के शहर मुंबई में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। मुंबई मेट्रो के निर्माणाधीन रूट पर पिलर का एक हिस्सा गिरने से उत्तर प्रदेश के रहने वाले एक व्यक्ति की जान चली गई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के एक गांव के सरपंच (ग्राम प्रधान) के रूप में हुई है, जो महज कुछ दिन पहले ही मुंबई घूमने आए थे।

कैसे हुआ हादसा?

घटना मुंबई के मुलुंड इलाके की है, जहां मेट्रो लाइन 4 (वडाला-कासारवडवली) का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एलबीएस रोड पर निर्माण कार्य के दौरान अचानक लोहे और सीमेंट का एक भारी हिस्सा नीचे से गुजर रहे ऑटो रिक्शा पर गिर गया। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में ऑटो में सवार उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधान गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया।

सपना रह गया अधूरा

मिली जानकारी के अनुसार रामधनी यादव जौनपुर के मड़ियाहूं से समाजवादी पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष व ग्राम सभा भरथानी के प्रधान है। वे मुंबई के भांडुप में अपने रिश्तेदार के यहां शादी में शामिल होने आए थे, इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे।

मृतक के परिजनों ने बताया कि वह पहली बार मुंबई की चमक-धमक और यहां की मशहूर लाइफलाइन 'मुंबई लोकल' देखने आए थे। उनका सपना था कि वह मुंबई की लोकल ट्रेन में सफर करें और शहर के पर्यटन स्थलों का आनंद लें। लेकिन किसे पता था कि जिस शहर को वह अपनी आंखों से देखने आए थे, वही उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगा।

सरपंच रामधनी यादव और पूर्व सरपंच महेंद्र यादव उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से मुंबई घूमने आए थे। सरपंच यादव के दोस्त की मुलुंड इलाके में गन्ने की दुकान है। इसी दुकान से सरपंच और पूर्व सरपंच रिक्शा चालक बबलू यादव के साथ कलवा में एक रिश्तेदार के घर शादी में शामिल होने के लिए निकले थे।

लेकिन, दोपहर करीब 12:30 बजे मेट्रो का एक सीमेंट पिलर गिर गया, जिससे सरपंच रामधन यादव की दर्दनाक मौत हो गई। इसके बाद यादव परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

परिजन प्रशासन से इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दरअसल, सरपंच रामधन यादव और पूर्व सरपंच मुंबई घूमने और फिर दो दिन में उत्तर प्रदेश राज्य के जौनपुर जिले में अपने होमटाउन जाने वाले थे। लेकिन उससे पहले ही यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घट गयी।

सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर मुंबई में चल रहे मेट्रो निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिना पर्याप्त सुरक्षा घेरे के काम किया जा रहा है, जिससे राहगीरों की जान हमेशा जोखिम में रहती है।

प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में संबंधित ठेकेदार और सुपरवाइजर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है। एमएमआरडीए ने भी ठेकेदार पर भारी जुर्माना लगाने और सुरक्षा ऑडिट करने की बात कही है। फिलहाल, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनके गांव में मातम पसरा हुआ है।

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