

Mumbai International Airport Building Height News: मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे फनल जोन के दायरे में आनेवाली इमारतों को बड़ी राहत मिलती दिखाई दे रही है।
हाई फ्रीक्वेंसी रडार की वजह से जुहू और डीएन नगर इलाके की 400 से ज्यादा इमारतों के रीडेवलेपमेंट का मामला लंबे समय से उलझा हुआ है।हालांकि अब इस काम को तेजी मिलने की उम्मीद जगी है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से जारी नए सर्कुलर से हवाई अड्डे से एक किलोमीटर से बाहर की इमारतों की ऊंचाई का रास्ता साफ हो गया है। नए सर्कुलर के अनुसार रडार से एक किलोमीटर के दायरे में बिल्डिंग की ऊंचाई पर रोक जारी रहेगी। बाकी इलाकों में इमारतों की ऊंचाई पर फैसला एक कमेटी लेगी।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने हर रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की अलग से जांच करने और बिल्डिंग की ऊंचाई तय करने के लिए एक अलग कमेटी बनाई है। यह कमेटी इस बारे में फैसला लेगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी के सर्कुलर से डीएन नगर की इमारतों और जुहू गुलमोहर मार्ग की 70 प्रतिशत इमारतों का रुका हुआ प्रोजेक्ट पटरी पर आ जाएगा।
अब इमारतों की ऊंचाई के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकेगी। दहिसर और डीएन नगर इलाके में हवाई अड्डा प्राधिकरण की जमीन पर ट्रांसमीटर व रिसीवर स्टेशन के आस-पास की इमारतों की ऊंचाई पर प्रतिबंध है। इस वजह से कई रीडेवलपमेंट की परियोजनाएं रुकी हुई है। इस रडार प्रोजेक्ट को दूसरी जगह शिफ्ट करने का फैसला किया गया है।
दहिसर के ट्रांसमिशन स्टेशन को गोराई में शिफ्ट किया जाएगा। जबकि जुहू के ट्रांसमीटर को शिफ्ट करने के लिए दूसरी जगह का सुझाव दिया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के हर प्रस्ताव का अध्ययन करने और इमारतों की ऊंचाई तय करने के लिए एक कमेटी बनाने के फैसले से इन प्रोजेक्ट के रीडेवलपमेंट का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने रडार को हटाने के लिए मड में अंबू आइलैंड पर जमीन के एक प्लॉट का प्रस्ताव दिया है। अथॉरिटी की टेक्निकल कमिटी साइट का इंस्पेक्शन करने के लिए जाएगी। इससे जुहू में बची हुई 30 फीसदी इमारतों के रीडेवलपमेंट का रास्ता साफ हो जाएगा।
- अमित साटम, मुंबई अध्यक्ष- भाजपा
हवाई अड्डा क्षेत्र में इमारतों की ऊंचाई को लेकर इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन की तरफ से कोई साफ गाइडलाइन नहीं है। सुरक्षा के लिहाज से हवाई अड्डा क्षेत्र के आस-पास की इमारतों की ज्यादा ऊंचाई पर पूरी तरह से रोक है। पहले जुहू और डीएन नगर इलाके में इमारतों की ऊंचाई 57 मीटर (17 से 19 फ्लोर) मानी गई थी। बाद में इसे 43 मीटर (13 से 14 फ्लोर) और फिलहाल 34 मीटर (10 से 12 फ्लोर) तक सीमित कर दिया गया है।