149 करोड़ मुनाफे का झांसा देकर 6.81 करोड़ की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा

Mumbai Cyber Crime Arrests: मुंबई में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर एक सेवानिवृत्त व्यक्ति से 6.81 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई की।
Mumbai Cyber Crime Arrests News
साइबर क्राइम (सौजन्य-सोशल मीडिया) (फाइल फोटो )
Published on: 
Updated on: 

Mumbai Cyber Crime Arrests News: साइबर अपराध शाखा पुलिस ने दक्षिण मुंबई के एक 59 वर्षीय सेवानिवृत्त व्यक्ति से लगभग 7 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले, साइबर जालसाजों की मदद के आरोप में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दयानंद सुरेश कोलेकर (31), धनंजय सागवेकर (36) और सुकृत भोसले (33) के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस ने कुल 10 लोगों के खिलाफ बीएनएस और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच

पीड़ित बुजुर्ग को ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया गया था। धोखेबाजों के झांसे में आकर पीड़ित ने 11 अप्रैल से 27 मई के बीच कुल 48 लेनदेन के माध्यम से विभिन्न बैंक खातों में 6.81 करोड़ रुपये स्थानांतरित कर दिए।

जालसाजों ने एक फर्जी वेबसाइट बना रखी थी। जिस पर पीड़ित का निवेश और कथित मुनाफा बढ़कर काल्पनिक रूप से 149 करोड़ रुपये दिखाई दे रहा था। जब बुजुर्ग ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तब उन्हें इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास हुआ।

कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए थे 76 लाख

वरिष्ठ निरीक्षक नंदकुमार गोपाले के नेतृत्व में साइबर टीम ने जब तकनीकी खुफिया जानकारी और बैंक खातों की जांच की, तो पता चला कि पीड़ित से कुल 76 लाख रुपये बोरीवली स्थित 'मेसर्स अनुवंता ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड' के खातों में ट्रांसफर कराए गए थे।

इस कंपनी के निदेशक कोलेकर और सागवेकर है, जबकि तीसरे आरोपी भोसले ने यह फर्जी कंपनी खोलने में उनकी मदद की थी। पुलिस ने जब कंपनी के पते पर छापा मारा तो वहां ताला लगा मिला। इस मामले के मुख्य वांछित आरोपी फिलहाल राजस्थान फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है।