

बीएमसी का सार्वजनिक शौचालयों की फीस बढ़ाने का प्रस्ताव।
यूरिनल पर ₹1, वॉशरूम पर ₹5 और बाथरूम पर ₹10 शुल्क हो सकता है।
मुंबई के 846 पे-एंड-यूज शौचालयों पर लागू होगा प्रस्ताव, मंजूरी का इंतजार।
Mumbai BMC Public Toilet Pay and Use Fee Hike: मुंबईकरों को जल्द ही सार्वजनिक पे-एंड-यूज शौचालयों के इस्तेमाल के लिए अधिक पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शहर में इन शौचालयों की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत अब तक मुफ्त उपलब्ध यूरिनल के इस्तेमाल पर भी 1 रुपये शुल्क लगाने की योजना है। हालांकि, प्रस्ताव को अभी मंजूरी मिलना बाकी है।
प्रस्तावित दरों के अनुसार, वॉशरूम का शुल्क मौजूदा 2 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये और बाथरूम का शुल्क 5 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये किया जा सकता है। नई दरें लागू होने के बाद सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल करने वाले नागरिकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
बीएमसी प्रशासन के अनुसार, मुंबई में 846 सार्वजनिक पे-एंड-यूज शौचालय परिसर हैं। इनका निर्माण महानगरपालिका ने कराया है, जबकि संचालन निजी संस्थाओं और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से किया जाता है।
संचालकों का कहना है कि शौचालयों की सफाई, परिसर की धुलाई, पानी-बिजली के बिल, मरम्मत और कर्मचारियों के वेतन पर लगातार खर्च बढ़ रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इन सुविधाओं की नियमित देखरेख के लिए होने वाले खर्च का प्रबंधन संचालकों को करना पड़ता है। प्रस्तावित बढ़ोतरी से उन्हें रखरखाव की लागत पूरी करने में मदद मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, बढ़ी हुई दरों से होने वाली अतिरिक्त कमाई संचालकों के पास ही रहेगी।
प्रस्तावित वृद्धि को लेकर आम नागरिकों, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की चिंता बढ़ गई है। सार्वजनिक शौचालयों पर निर्भर लोगों के लिए शुल्क में बढ़ोतरी स्वच्छता सुविधाओं तक पहुंच को मुश्किल बना सकती है।
नागरिक संगठन पानी हक समिति के संयोजक सीताराम शेलार ने कहा कि नागरिकों को स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना महानगरपालिका की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, पानी और स्वच्छता मुंबई बीएमसी के महत्वपूर्ण राजस्व वाले विभाग हैं, लेकिन संचालकों पर पानी और बिजली का खर्च व्यावसायिक दरों से डाला जा रहा है।
नागरिक संगठन पानी हक समिति के संयोजक सीताराम शेलार ने कहा कि नागरिकों को स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना महानगरपालिका की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, पानी और स्वच्छता बीएमसी के महत्वपूर्ण राजस्व वाले विभाग हैं। इसके बावजूद संचालकों पर व्यावसायिक दरों से पानी-बिजली का खर्च डाला जा रहा है।
मुंबई शहर में लगभग 8,173 सामुदायिक शौचालय परिसर हैं, जिनमें से 3,110 का प्रबंधन बीएमसी करती है। फिलहाल प्रस्तावित शुल्क वृद्धि सार्वजनिक पे-एंड-यूज शौचालयों के लिए है। सामुदायिक शौचालयों की दरों में बदलाव होगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।