

Mumbai News In Hindi: यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गृह विभाग और परिवहन विभाग के सहयोग से 'बीग्सी' (बीवाईजीएसवाई) नामक एक अभिनव और निःशुल्क पहल शुरू की गई है।
यह योजना 23 जनवरी वसंत पंचमी के दिन आधिकारिक रूप से शुरू की गई। मुंबई इस तकनीक शुरू करने वाला भारत का पहला शहर और महाराष्ट्र पहला राज्य बन गया है।
परिवहन आयुक्त विवेक भिमनवार ने इस बारे में बताते हुए कहा कि सामाजिक जागरूकता से शुरू हुई यह परियोजना भविष्य में महिला सुरक्षा का नया अध्याय लिखेगी।
कार्यक्रम में सह परिवहन आयुक्त शैलेश कामत, यातायात उपायुक्त अजित बोगार्डे, मुख्य क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनिल पाटिल और 'बीग्सी' के संस्थापक प्रो निरंजन भट्ट भी उपस्थित थे।
महाराष्ट्र पुलिस, मोटर परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और ईटीएस 360 टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन के सहयोग से मुंबई और पूरे राज्य में काली-पीली टैक्सी और ऑटो रिक्शा के लिए इस सेवा का शुभारंभ किया गया। परिवहन आयुक्त भिमनवार ने बताया कि शहरीकरण की प्रक्रिया में महिलाओं की कामकाजी यात्राएं बढ़ी हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर परिवारों में हमेशा चिंता बनी रहती है। दिल्ली निर्भया कांड के बाद महिला सुरक्षा का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया।
इसी पृष्ठभूमि में ईटीएस 360 टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन के संस्थापक प्रो। भट्ट और उनकी टीम ने सामाजिक जिम्मेदारी के तहत बिना किसी आर्थिक बोझ के महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने वाला विकल्प विकसित किया। कोरोना काल की कठिनाइयों, प्रशासनिक नियमों की कमी और तकनीकी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी, परिवहन विभाग, पुलिस व्यवस्था और कमांड कंट्रोल सेंटर के साथ समन्वय स्थापित करते हुए इस परियोजना को साकार किया गया।
यात्री सीट के सामने और चालक की पिछली तरफ क्यूआर कोड युक्त चालक/वाहन पहचान पैनल लगाया गया है। बीग्सी ऐप के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद गूगल मैप पर वाहन का मार्ग दिखता है। ऐप में एसओएस बटन है, जिसे सक्रिय करने पर वाहन, चालक और यात्री की जानकारी सीधे पुलिस नियंत्रण कक्ष 112 पर भेजी जाती है। इसके बाद निकटतम गश्ती पुलिस वैन वाहन का पता लगाकर लगभग 5 से 6 मिनट में मदद उपलब्ध कराती है।