

Drug Seized In Avadh Express: देश की जीवनरेखा कही जाने वाली भारतीय ट्रेनों से जहां देश भर में रोजाना करोड़ों लोगों का आवागमन होता है, वहीं अवैध रूप से नशीले पदार्थों को भी एक जगह से दूसरे जगह भेजने में ट्रेनों का इस्तेमाल हो रहा है। शनिवार को ऐसी ही एक घटना पश्चिम रेलवे के बांद्रा स्टेशन पर सामने आई जब बिहार से मुंबई आने वाली अवध एक्सप्रेस में बड़े पैमाने पर नारकोटिक्स की खेप मिली।
बताया गया कि अवध एक्सप्रेस के बांद्रा टर्मिनस पहुंचने के बाद ईएमसी चेकिंग के दौरान ट्रैन के जनरल कोच में एक लावारिस बैग दिखा। काले रंग के उस भारी बैग को चेक करने पर उसमें रैपर में लपेटी संदिग्ध वस्तु दिखी। तुरंत उसकी सूचना जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारी एवं डॉग स्क्वायड को दी गई।
सीसीटीवी की निगरानी में जांच में पता चला कि उस संदिग्ध बैग में कपड़ों के बीच 31 पैकेट में छुपाकर चरस जैसा नशीला पदार्थ लाया गया था। उसका वजन 13.834 किलो निकला। जबकि बाजार में उसकी 1 करोड़ रुपए प्रति किलो के हिसाब से कुल कीमत 13 करोड़ 83 लाख 40 हजार रुपए बताई गई है। वह बैग कहां से कौन लेकर चढ़ा और छोड़कर फरार क्यों हुआ। इसके लिए सीसीटीवी खंगाली जा रही है।
गौरतलब है कि लंबी दूरी की ट्रेनों के माध्यम से भी अवैध रूप से नशीले पदार्थों की स्मगलिंग बढ़ी है। पिछले दिनों कोंकण रेलवे में भी करोड़ों का नशीला पदार्थ लाते हुए पकड़ा गया था। बताया गया कि छोटे शहरों के स्टेशनों जहां पर सुरक्षा व्यवस्था उतनी कड़ी नहीं रहती,उन स्थानों से नशीले पदार्थ ट्रेनों के माध्यम से आसानी से बड़े शहरों में लाए जाते हैं। इनमें अफीम,चरस,गांजा,हेरोइन से लेकर तरह तरह के नारकोटिक्स होते हैं।