सोने की तस्करी घटी, मुंबई एयरपोर्ट पर भांग और ड्रग्स की तस्करी में बड़ा उछाल

Mumbai Airport Drug Smuggling Rise: मुंबई एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी में भारी गिरावट आई है, जबकि ड्रग्स और हाइड्रोपोनिक भांग की तस्करी तेजी से बढ़ी है। कस्टम विभाग ने निगरानी और कड़ी कर दी है।
Mumbai Airport Drug Smuggling Rise
मुंबई एयरपोर्ट ड्रग स्मगलिंग (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai Airport Drug Smuggling Rise News: मुंबई स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तस्करी के पैटर्न में एक नाटकीय बदलाव देखा गया है। पिछले दो वर्षों में जहां सोने की तस्करी के मामलों में भारी गिरावट आई है।

वहीं मादक पदार्थों (विशेष रूप से भांग) की जब्ती में जबरदस्त उछाल आया है। हवाई अड्डा सीमा शुल्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार सोने की तस्करी में शामिल संगठित अपराध गिरोह अब नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की ओर रुख कर रहे हैं।

सीमा शुल्क विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2023-24 में सोने की जब्ती अपने चरम पर थी। जब अधिकारियों ने 1,463 मामलों में 531 करोड़ रुपये मूल्य का 999 किलोग्राम सोना जब्त किया था।

शहरों में बढ़ी भांग की मांग

हालांकि, 2024-25 में यह गिरकर 723 मामलों में 329 करोड़ रुपये (501 किलोग्राम) और 2025-26 में मात्र 139 मामलों में 84 करोड़ रुपये (80) किलोग्राम) रह गया। अधिकारियों ने इस गिरावट का मुख्य कारण जुलाई 2024 में सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क को 15% से घटाकर 6% करना बताया है।

जिससे इसकी तस्करी का मुनाफा कम हो गया। हालांकि, मई 2026 में व्यापार घाटे की चिंताओं के कारण इस शुल्क को वापस बढ़ाकर 15% कर दिया गया है। इसके विपरीत, एनडीपीएस अधिनियम के तहत मादक पदार्थों की जब्ती में भारी वृद्धि हुई है। वर्ष 2022-23 में जहां केवल 14 मामलों में 186 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ पकड़े गए थे।

वहीं फरवरी 2025-26 तक यह आंकड़ा बढ़कर 235 मामलों में 1,512 करोड़ रुपये (1,395 किलोग्राम) तक पहुंच गया। अधिकारियों ने बताया कि थाईलैंड द्वारा 2022 में भांग को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के बाद इस कारोबार में तेजी आई।

यह प्रतिबंधित सामग्री बैंकॉक, हांगकांग और सिंगापुर जैसे पारगमन केंद्रों (ट्रांजिट हब्स) से होकर मुंबई पहुंचती है। मिट्टी के बजाय पोषक तत्वों से भरपूर पानी में उगाई जाने वाली हाइड्रोपोनिक भांग में टीएचसी का स्तर अधिक होता है, और महानगरों में इसकी भारी मांग है।

उच्च जोखिम वाले यात्रियों पर अब कड़ी नजर

  • इस बढ़ते खतरे से निपटने के लिए सीमा शुल्क वायु खुफिया इकाई ने 'एडवांस पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के जरिए निगरानी मजबूत कर दी है।
  • इसके तहत बार-बार यात्रा करने वाले, आखिरी समय में बुकिंग करने वाले और संदिग्ध रूट अपनाने वाले उच्च जोखिम वाले यात्रियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
  • इसके अलावा, मौके पर व्यवहार विश्लेषण, एक्स-रे स्कैनिंग और सामान की भौतिक जांच के साथ-साथ डीआरआई और एनसीधी जैसी एजेंसियों से मिल रहे इनपुट का उपयोग करके संगठित तस्करी नेटवर्क को लगातार ध्वस्त किया जा रहा है।
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