मुंबई का AQI बिगड़ने पर हाई कोर्ट सख्त, BMC से मांगी पांच साल की रिपोर्ट, 5 सदस्यीय समिति गठित

Mumbai AQI News: मुंबई में बढ़ते प्रदूषण पर बॉम्बे हाई कोर्ट सख्त हो गया है। निर्माण स्थलों की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित की। बीएमसी-MPCB से रिपोर्ट तलब की।
Bombay High Court On Mumbai AQI
मुंबई में बढ़ा प्रदूषण (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Bombay High Court On Mumbai AQI: मुंबई प्रदूषण को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट सख्त हो गया है। कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि खराब वायु गुणवत्ता से निपटने में कुछ समय लगेगा, लेकिन अगर दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए तो शहर में निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण से निपटा जा सकता है।

मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अनखड की पीठ ने एक स्वतंत्र 5 सदस्यीय समिति का गठन किया है, ताकि निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया जा सके और यह पता लगाया जा सके कि दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है या नहीं। समिति में बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC), महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।

बीएमसी और एमपीसीबी से मांगी रिपोर्ट

मुंबई में बिगड़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर चिंता जताने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने बीएमसी और एमपीसीबी को निर्देश दिया कि वे पिछले साल उठाए गए कदमों के बारे में 15 दिसंबर तक कार्रवाई रिपोर्ट पेश करें। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि देश की आर्थिक राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 2023 से हर साल बिगड़ रहा है। इस पर मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर ने कहा कि इस समस्या से निपटने में कुछ समय लगेगा। दिल्ली 15 साल से ज्यादा समय से संघर्ष कर रही है। पीठ ने कहा है कि निर्माण स्थलों पर विशेष दस्तों के दौरे, सीसीटीवी कैमरे लगाने और सेंसर आधारित वायु प्रदूषण मॉनिटर लगाने के रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए।

निर्माण स्थलों पर दिशा निर्देशों का पालन नहीं

अदालत द्वारा सहायता के लिए नियुक्त वरिष्ठ वकील डेरियस खंबाटा ने शुक्रवार को कहा कि निर्माण स्थलों के लिए अदालत द्वारा 2024 में निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिनमें सीसीटीवी कैमरे लगाना, सेसर आधारित वायु प्रदूषण मॉनिटर लगाना और पानी का छिड़काव शामिल है। बीएमसी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मिलिंद साठे ने कहा कि विशेध दस्ते हैं जो निर्माण स्थलों पर आकस्मिक जांच करते हैं।

उद्धव ठाकरे ने सरकार को घेरा

शिवसेना (यूबीटी) चीफ उद्धव ठाकरे ने कहा कि पिछले दो-तीन सालों में मुंबई में प्रदूषण का लेवल काफी बढ़ गया है। इस साल भी हम यही महसूस कर रहे हैं। मुंबई की हवा सेहत के लिए खतरनाक होती जा रही है। सरकार का कहना है कि इथियोपिया में फटे ज्वालामुखी के बादल यहां तक पहुंच गए है। लेकिन इथियोपिया के ज्वालामुखी और मुंबई के प्रदूषण के बीच कोई कनेक्शन नहीं है। बल्कि यहां भ्रष्टाचार के ज्वालामुखी का विस्फोट हुआ है। इस वजह से प्रदूषण के बादल मुंबई और महाराष्ट्र पर छाए हुए हैं।

यह उदासीनता हमें मार डालेगीः सोनी राजदान

मुंबई में प्रदूषण बढ़ने पर फिल्मकार महेश भट्ट की पत्नी व एक्ट्रेस सोनी राजदान ने कहा कि मुंबई की बिगड़ती एयर क्वालिटी से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उदासीनता एक दिन हमें मार डालेगी। एक्ट्रेस ने बताया कि ठंड के महीनों में जमीन और समुद्र की हवाएं कमजोर हो जाती हैं, जिससे प्रदूषण जमीन के पास ही फंस जाते हैं।

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