

15 अक्टूबर तक 31,899 वाहनों की जांच में 5,821 नियम तोड़ते मिले।
परिवहन विभाग ने ₹6.20 करोड़ जुर्माना लगाया, करीब 31% वसूला।
हाई कोर्ट की चिंता के बाद आरटीओ ने प्रदूषण नियंत्रण जांच तेज की।
Mumbai MMR RTO Air Pollution Action: मुंबई महानगर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए परिवहन विभाग ने वाहनों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। 1 से 15 अक्टूबर के बीच 11 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) ने कुल 31,899 वाहनों की जांच की। इनमें 5,821 वाहन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इन पर कुल 6 करोड़ 20 लाख 90 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि अब तक 1 करोड़ 92 लाख 17 हजार 490 रुपये की वसूली हुई है।
आंकड़ों के अनुसार, कुल जुर्माने की करीब 31 प्रतिशत राशि ही वसूल हो पाई है। जांचे गए वाहनों में लगभग 18.3 प्रतिशत में नियमों का उल्लंघन मिला।
RTO के आंकड़ों के मुताबिक, पनवेल में सबसे अधिक 1,170 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके बाद ठाणे में 912 और मुंबई पूर्व में 684 वाहन नियमों का उल्लंघन करते पाए गए।
जुर्माने के मामले में भी पनवेल सबसे आगे रहा, जहां 1.06 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, वसई में 92.37 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
विशेष अभियान के दौरान वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC), फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट की वैधता जांची जा रही है। निर्धारित क्षमता से अधिक माल ढोने वाले वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा, निर्माण सामग्री और अन्य खुला माल बिना ढके ले जाने वाले वाहनों पर भी विभाग की नजर है।
मुंबई शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान 22 अक्टूबर को चिंता जताई थी। इसके बाद 23 अक्टूबर को परिवहन आयुक्त कार्यालय में हुई बैठक में RTO अधिकारियों को जांच अभियान प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए गए।
हालांकि, परिवहन विभाग ने वाहनों की जांच 1 अक्टूबर से ही शुरू कर दी थी। अभियान के तहत संबंधित RTO कार्यालयों को रोजाना जांचे गए वाहनों की संख्या, नियमों के उल्लंघन के प्रकार, लगाए गए जुर्माने और वसूली गई राशि का रिकॉर्ड रखने को कहा गया है।
परिवहन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना और वाहन संबंधी अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है। जांच में PUC और फिटनेस प्रमाणपत्र के साथ माल ढुलाई के नियमों की भी पड़ताल की जा रही है।
अभियान के दौरान लगाए गए जुर्माने और वसूली की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में जांच और कार्रवाई की प्रभावशीलता का आकलन विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर किया जा सकेगा।