

MLA Manda Mhatre Lashes Out At Ganesh Naik: नवी मुंबई महानगरपालिका की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं के उद्घाटन के प्रोग्राम शेड्यूल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शिवसैनिक इस बात से नाराज हैं कि निमंत्रण पत्र से ठाणे जिले के पालकमंत्री और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का नाम हटा दिया गया। वहीं भाजपा विधायक मंदा म्हात्रे ने मंत्री गणेश नाईक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सोमवार को नवी मुंबई मनपा में हेल्थ प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन समारोह हो रहा है, जिसकी अध्यक्षता वन मंत्री गणेश नाईक कर रहे हैं। गणेश नाईक पालघर जिले के और एकनाथ शिंदे ठाणे जिले के पालघर जिले के पालकमंत्री हैं, लेकिन नवी मुंबई के इस कार्यक्रम का उद्घाटन नाईक द्वारा किए जाने से विवाद पैदा हो गया है।
एक ओर कार्यक्रम स्थल पर गणेश नाईक की मौजूदगी में समारोह चल रहा है, वहीं बाहर बड़ी संख्या में नाराज शिव सैनिक जोरदार विरोध प्रदर्शन करने के लिए जमा हो गए हैं। इस बीच, बीजेपी विधायक मंदा म्हात्रे ने भी अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार किया है। उन्होंने इस पूरे मामले पर सख्त रूख अपनाते हुए गणेश नाईक के काम करने के तरीके पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कार्यक्रम का पूरी तरह से बहिष्कार करने का फैसला किया है।
मीडिया से बात करते हुए भाजपा विधायक मंदा म्हात्रे ने कहा कि नवी मुंबई में मिल्क बैंक पहल शुरू की जा रही है ताकि उन माताओं के बच्चों को दूध मिल सके जो स्तनपान नहीं करा सकतीं। यह सेवा नवी मुंबई महानगरपालिका अस्पताल आने वाले गरीब परिवारों के बच्चों के लिए होगी। इसके अलावा, यहां लगाई गई डायलिसिस मशीन कॉन्ट्रैक्टर ने दी थी, न कि किसी मंत्री ने। मनपा ने शुरुआती निमंत्रण कार्ड सही छापा था, लेकिन दूसरे कार्ड से एकनाथ शिंदे का नाम जानबूझकर हटा दिया गया था और उसकी जगह यह लिखा गया था कि यह काम भाजपा विधायक गणेश नाईक ने किया है।
मंदा म्हात्रे ने आगे कहा कि जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने सिविल कामों के लिए कुछ विधायक फंड दिया है। जो काम ऐरोली विधानसभा क्षेत्र में होने चाहिए थे वे बेलापुर में किए जा रहे हैं। ऐरोली के लोग कई तरह की समस्याओं को लेकर मेरे पास आते हैं। कुछ लोग सफाई केंद्र की मांग करते हैं, तो कुछ जिम बनाने का अनुरोध करते हैं। स्थानीय निवासियों को राशन कार्ड से जुड़े छोटे-मोटे कामों के लिए भी अपने प्रतिनिधियों के स्टाफ तक पहुंच नहीं मिल पाती। घंसोली, कोपर खैराने और ऐरोली के लोग मेरे पास आते हैं। मेरे पास पेंडिंग कामों का अंबार लगा हुआ है।
मंदा म्हात्रे ने मंत्री गणेश नाईक से उनकी पुरानी बात याद दिलाते कहा कि 2004 में जब मैं MLA थी और एक जेटी बन रही थी, तो नाईक मेरे पास आए और पूछा, 'मैं यहां का MLA हूं। आप मुझसे सलाह लिए बिना काम कैसे कर सकती हैं?' क्या वे अब अपनी ही बात भूल गए हैं?
म्हात्रे ने नाईक से सवाल पूछते हुए कहा कि अब मैं यहां की MLA हूं, फिर भी क्या मुझसे कभी कोई सलाह-मशविरा किया जाता है? एक साल पहले, मैंने L&T के CSR फंड से यहां दो डायलिसिस मशीनें लगवाई थीं क्योंकि लोगों को डायलिसिस के लिए पैसे देने पड़ते हैं। अभी जो डायलिसिस सर्विस चल रही है, उसके लिए पैसे देने पड़ते हैं। कुछ भी मुफ्त नहीं है, तो मनपा का सारा पैसा कहां जा रहा है?
भाजपा विधायक मंदा म्हात्रे ने वैभव नाईक की क्रेडिट लेने की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि आप बड़े-बड़े दावे करके खुद का प्रचार करते हैं कि यह सब मेरी वजह से हुआ। क्या मैंने कभी पूछा कि डायलिसिस मशीनें किसने दीं या उनकी सप्लाई कैसे हुई? इसमें कितना खर्च आया? यह तो बस बिना हक के क्रेडिट लेने वाली बात है।
बेलापुर से भाजपा विधायक म्हात्रे ने कहा कि मैं पूरी स्थिति से तंग आ चुकी हूं। मैंने पार्टी को भी यह बात साफ-साफ बता दी है। अब मैं खुद आगे के कदम उठाऊंगी। पूरे कोंकण इलाके में मैं अकेली महिला भाजपा विधायक हूं और लगातार तीन बार चुनी गई हूं। दूसरे विधायकों के उलट मेरे कार्यकाल में कभी कोई रुकावट नहीं आई, और न ही ऐसा हुआ कि मैं एक बार हारकर दोबारा लौटी हूं। लोगों ने मेरे काम के आधार पर मुझे लगातार चुना है, फिर भी मुझे बार-बार अपमानित किया जाता है।
मंदा म्हात्रे ने यह भी आरोप लगाया कि गणेश नाईक के समर्थकों ने उनके साथ बदसलूकी की और बताया कि कार्यक्रम स्थल पर उनके कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई थी। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक होने के बावजूद उन्हें लगातार दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि मैं इनकी मस्ती उतार दूंगी। म्हात्रे ने चेतावनी दी कि अगर वे उनके चुनाव क्षेत्र में दखल देना जारी रखेंगे, तो वह भी ऐरोली चुनाव क्षेत्र में जाकर जवाब देंगी और अब चुप नहीं बैठेंगी।