जोखिम वाली इमारतों से लोगों को हटाएगी म्हाडा, मिलेगी 20 हजार रुपये मासिक किराया सहायता

MHADA Mission Safe Monsoon: मानसून के दौरान संभावित हादसों को रोकने के लिए म्हाडा ने मुंबई की 86 अत्यंत जर्जर इमारतों को खाली कराने का अभियान शुरू किया है। पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है।
MHADA Mission Safe Monsoon: मानसून के दौरान संभावित हादसों को रोकने के लिए म्हाडा ने मुंबई की 86 अत्यंत जर्जर इमारतों को खाली कराने का अभियान शुरू किया है। हजारों निवासियों के पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है।
मुंबई की जर्जर इमारतें (सौ. सोशल मीडिया )
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MHADA Mission Safe Monsoon News: मुंबई में आगामी मानसून के दौरान संभावित इमारत हादसों को रोकने के लिए महाडा ने 'मिशन सुरक्षित मानसून' के तहत बड़ा अभियान शुरू किया है।

मुंबई इमारत मरम्मत व पुनर्निर्माण मंडल के सर्वेक्षण में अत्यंत जर्जर घोषित की गई 86 सेस इमारतों को तत्काल खाली कराने, निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और आवश्यक मरम्मत व संरचनात्मक उपाय शुरू करने के निर्देश उपाध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने दिए हैं।

इन इमारतों में रहने वाले 2,736 किराएदारों और निवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगभग 2,120 परिवारों के लिए ट्रांजिट कैंपों की व्यवस्था की जा रही है, जबकि स्वयं वैकल्पिक आवास चुनने वाले पात्र निवासियों को प्रति माह 20 हजार रुपए किराया सहायता भी प्रदान की जाएगी।

म्हाडा मुख्यालय में आयोजित मानसून पूर्व तैयारी समीक्षा बैठक में जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जोखिम ग्रस्त इमारतों में रहने वाले नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए, उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की जनहानि रोकने के लिए सभी विभाग समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मंडल के मुख्य अधिकारी मिलिंद शंभरकर ने बताया कि सर्वेक्षण में चिन्हित 86 अत्यंत जर्जर इमारतों में 2,256 आवासीय और 480 गैर-आवासीय इकाइयों सहितकुल 2,736 किरायेदार व निवासी रह रहे हैं। भारी बारिश और संरचनात्मक कमजोरी के कारण इन इमारतों में दुर्घटना का गंभीर खतरा है, इसलिए सभी निवासियों का शीघ्र पुनर्वास आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि अब तक 29 निवासी मंडल के ट्रांजिट कैंपों में स्थानांतरित किए जा चुके हैं, जबकि 36 परिवारों ने स्वयं वैकल्पिक आवास की व्यवस्था कर ली है। शेष निवासियों को निष्कासन नोटिस जारी किए गए हैं। अनुमान है कि लगभग 2,120 परिवारों को ट्रांजिट कैंपों अथवा अन्य वैकल्पिक आवासों में स्थानांतरित करना होगा। वर्तमान में मंडल के पास 750 ट्रांजिट आवास उपलब्ध हैं तथा अतिरिक्त व्यवस्था भी की जा रही है।

योजना का लाभ उठाने की अपील

  • जायसवाल ने बताया कि जो निवासी स्वयं वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करेंगे, उन्हें म्हाडा की ओर से प्रति माह 20 हजार रुपए किराया सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने पात्र नागरिकों से इस योजना का लाभउठाने की अपील की।
  • म्हाडा ने मानसून अवधि के लिए विशेष नियंत्रण व्यवस्था भी सक्रिय करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अत्यंत जर्जर इमारतों का नियमित निरीक्षण, सुरक्षा उपायों की निगरानी, स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत किया जाएगा, साथ ही नागरिकों को जोखिमों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।

निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो काम

म्हाडा का कहना है कि संरक्षण दीवारों के निर्माण से भूस्खलन और मिट्टी धंसने जैसी घटनाओं का खतरा कम होगा तथा नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। जायसवाल ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

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