

शिंदे गुट के नेताओं ने बीजेपी पर पार्टी को दबाने का आरोप लगाया है।
नेताओं ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने अपनी नाराजगी रखी।
कुछ फाइलें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास लंबित होने का दावा।
वित्त विभाग बीजेपी के पास आने के बाद फंड मिलने में दिक्कत का आरोप।
दादा भुसे समेत शिंदे गुट के मंत्रियों के अधिकार कम किए जाने की शिकायत।
Mahayuti BJP VS Eknath Shinde Coalition Rift: महाराष्ट्र की महायुति सरकार में बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट के बीच फिर अंदरूनी मतभेद सामने आए हैं। शिंदे सेना के नेताओं ने बीजेपी पर पार्टी को दबाने, मंत्रियों के अधिकार कम करने और फंड आवंटन में मुश्किलें पैदा करने का आरोप लगाया है। नेताओं ने इन मुद्दों पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से शिकायत की है।
मुंबई, महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति में बीजेपी और शिवसेना के शिंदे गुट के बीच एक बार फिर अंदरूनी खींचतान सामने आई है। विधान परिषद चुनाव के दौरान तनातनी और मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल के कथित 500 करोड़ रुपये वाले ऑडियो विवाद के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हुआ है। अब शिंदे सेना के नेताओं ने बीजेपी पर उनकी पार्टी को दबाने और मंत्रियों के अधिकार कम करने का आरोप लगाया है।
शिंदे गुट के नेताओं ने इन मुद्दों को लेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सामने अपनी नाराजगी रखी है। नेताओं का कहना है कि पार्टी को केवल सरकारी कार्यक्रमों में ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक और वित्तीय स्तर पर भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि पिछले एक साल से सरकारी कार्यक्रमों में शिंदे गुट के सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
शिंदे गुट के नेताओं का दावा है कि एकनाथ शिंदे की ओर से भेजी गई कुछ फाइलें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास लंबित हैं। इसके अलावा पार्टी के मंत्रियों के अधिकारों में भी कटौती किए जाने की शिकायत की गई है। इसमें मंत्री दादा भुसे का नाम भी शामिल बताया गया है।
शिंदे गुट के मंत्रियों और विधायकों की एक प्रमुख शिकायत वित्तीय आवंटन को लेकर है। उनका आरोप है कि जब से वित्त विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास आया है, तब से शिंदे सेना के मंत्रियों और विधायकों को विकास कार्यों के लिए फंड हासिल करने में मुश्किलें आ रही हैं।
इन मुद्दों को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति बताई जा रही है। हालांकि, ये आरोप शिंदे गुट के नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। बीजेपी की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।