UPI पर संभावित शुल्क का विरोध, महाराष्ट्र के व्यापारियों का 2 अक्टूबर को डिजिटल पेमेंट बहिष्कार

UPI Charges Protest: UPI लेनदेन पर संभावित शुल्क के विरोध में महाराष्ट्र के व्यापारियों ने 2 अक्टूबर को डिजिटल भुगतान न लेने का फैसला किया है। केवल नकद लेनदेन कर विरोध जताया जाएगा।
Maharashtra traders to protest on October 2 against potential UPI charges
डिजिटल भुगतान बहिष्कार, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
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Maharashtra Digital Payment Boycott: मुंबई में UPI लेन-देन पर संभावित शुल्क लगाए जाने के मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र के व्यापारिक संगठनों ने विरोध का रुख अपनाया है। महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर ने 2 अक्टूबर, यानी गांधी जयंती के दिन शांतिपूर्ण आंदोलन करने का निर्णय लिया है।

संगठन ने राज्यभर के व्यापारियों से अपील की है कि आंदोलन के तहत इस दिन ग्राहकों से UPI समेत किसी भी डिजिटल माध्यम से भुगतान स्वीकार न करें और लेन-देन के लिए नकद भुगतान का इस्तेमाल करें।

डिजिटल पेमेंट पर शुल्क से लागत बढ़ने की चिंता

व्यापारी संगठन का कहना है कि देश में पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारी तक रोजमर्रा के लेन-देन में UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ऐसे में यदि प्रत्येक मुंबई शहर में डिजिटल लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है तो व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। खासकर छोटे और मध्यम कारोबारियों पर इसका अधिक असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

छोटे कारोबारियों पर आर्थिक बोझ की चिंता

व्यापारियों के अनुसार, कम मूल्य के लगातार होने वाले डिजिटल लेन-देन पर भी शुल्क लागू होने से दिनभर के कारोबार में अतिरिक्त खर्च जुड़ सकता है। संगठन इसी संभावित आर्थिक बोझ के खिलाफ अपनी आवाज उठाने की तैयारी कर रहा है।

व्यापारी संगठन ने इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य स्तर पर भी ध्यान देने की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की गई है।

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गांधी जयंती पर शांतिपूर्ण आंदोलन

महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर ने 2 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करने की बात कही है। संगठन का उद्देश्य UPI लेन-देन पर संभावित शुल्क के खिलाफ व्यापारियों की चिंता सरकार तक पहुंचाना है।

फिलहाल यह मामला प्रस्तावित शुल्क और व्यापारियों की आशंका से जुड़ा है। शुल्क की वास्तविक दर, लागू होने की तारीख और किन लेन-देन पर इसका प्रभाव पड़ेगा, इसकी स्थिति संबंधित आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।