पंद्रह दिनों में करें रेत घाटों की नीलामी! बावनकुले ने दिया बकायाकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश

Chandrashekhar Bawankule: चंद्रशेखर बावनकुले ने रेत घाटों की नीलामी 15 दिनों में पूरी करने के निर्देश दिए। बकायाकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (pic credit; social media)
चंद्रशेखर बावनकुले (pic credit; social media)
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Mumbai News: बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, राज्य में रेत की मांग में भारी वृद्धि दर्ज हुई है. इसलिए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को रेत घाटों की नीलामी समय पर करने का आदेश दिया है. उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की देरी पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है. इस दौरान अपर मुख्य सचिव विकास खड़गे उपस्थित थे. इस दौरान, पर्यावरण विभाग की प्रमुख सचिव जयश्री भोज, सभी संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया.

मंत्री बावनकुले की अध्यक्षता में मंत्रालय में रेत नीति और रेत समूह के संबंध में आयोजित एक बैठक में समीक्षा की गई. इस अवसर पर बावनकुले ने कहा कि राज्य में रेत की किसी भी हालत में कमी नहीं होनी चाहिए. रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया तुरंत पूरी की जाए और आम नागरिकों को राहत दी जाए.

रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए. रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन रेत चोरी होने पर संबंधित जिला कलेक्टर जिम्मेदार होंगे. राजस्व मंत्री ने पर्यावरण विभाग द्वारा अनुमति प्राप्त रेत खदानों की नीलामी प्रक्रिया तुरंत पूरी करने के भी निर्देश दिए. उन्होंने पर्यावरण अनुमति प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए राजस्व और पर्यावरण विभागों को समन्वय से काम करने के भी निर्देश दिए. इस अवसर पर राज्य में रेत भंडारों का निरीक्षण कर जानकारी अद्यतन करने के भी निर्देश दिए गए.

दिवाली से पहले किसानों को दें मदद

बैठक के दौरान, मंत्री बावनकुले ने सभी संभागीय आयुक्तों को दिवाली से पहले बाढ़ प्रभावित किसानों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि किसानों को दी जाने वाली सहायता से संबंधित जानकारी प्रतिदिन सरकार को प्रस्तुत की जाए.

कुणबी प्रमाण पत्र में सतर्कता बरतें

कुणबी जाति प्रमाण पत्र जारी करते समय कोई गलती न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए. सभी दस्तावेजों की सख्ती से जांच की जानी चाहिए और गलत जाति दर्शाई जानी चाहिए. बावनकुले ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जाने चाहिए.

अवैध जन्म प्रमाण पत्रों के खिलाफ कार्रवाई

पूर्व सांसद किरीट सोमैया बैठक में उपस्थित थे. उन्होंने बताया कि अपात्र व्यक्तियों को अवैध रूप से जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं. उन्होंने मांग की कि उनकी जानकारी सरकार को दी जाए, अवैध प्रमाण पत्र रद्द किए जाएँ और संबंधित व्यक्तियों के नाम आधार वेबसाइट से हटाए जाएं. राजस्व मंत्री बावनकुले ने दिवाली के बाद तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए.

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