Maharashtra में सड़क हादसों पर सरकार घिरी, हर्षवर्धन सपकाल ने परिवहन मंत्री से मांगा इस्तीफा

Maharashtra में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए परिवहन मंत्री के इस्तीफे और मृतकों के परिजनों को 15 लाख मुआवजे की मांग की है।
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हर्षवर्धन सपकाल Vs प्रताप सरनाईक (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra Road Accidents: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा है कि राज्य भर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और उनमें जान गंवाने वाले नागरिकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह स्पष्ट हो गया है कि सड़क सुरक्षा के मामले में राज्य सरकार पूरी तरह विफला रही है।

उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार के कारण ही राज्य में दुर्घटनाओ और मौतों की संख्या उच्चतम स्तर पर पहुंचा गई है। इस विफलता की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

सपकाल ने सोमवार को मुरबाड-कल्याण मार्ग पर इको कार दुर्घटना में मृत 11 लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, उनके परिजनों को प्रत्येक को कम से कम 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

कांग्रेस नेता ने कहा कि कल्याण सहित राज्यभर में विभिन्न स्थानों पर क्षमता से अधिक यात्रियों को ढोया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारी और पुलिस कथित रूप से रिश्वत लेकर इस पर आंखें मूंद लेते हैं। परिवहन मंत्री यदि भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की जमीन से जुड़े हिस्सेदारी के विवादों में उलझने के बजाय आम नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान देते, तो दुर्घटनाओं की संख्या कम हो सकती थी।

सच को छुपाने की कोशिश

सपकाल ने कहा कि 22 जनवरी 2026 को परिवहन आयुक्त द्वारा मीडिया के लिए जारी बयान में समृद्धि महामार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं के आंकड़े छिपाने का प्रयास किया गया। परिवहन विभाग द्वारा अपनी विफलता छिपाने की यह कोशिश आम नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ साबित हो रही है और इससे अनेक परिवार तबाह हो रहे हैं।

Maharashtra में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ें

  • 2019 में राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में 12,788 लोगों की मृत्यु हुई थी
  • 2024 में यह संख्या 23 प्रतिशत बढ़कर 15,715 तक पहुंच गई।
  • नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पर दुर्घटनाओं की संख्या भी चिंताजनक रूप से बढ़ रही है।
  • 2024 में इस मार्ग पर 137 दुर्घटनाएं हुई थी, जबकि 2025 में यह संख्या 37 प्रतिशत बढ़कर 185 हो गई, मृतकों की संख्या 2024 में 126 से बढ़कर 2025 में 152 हो गई।
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