

फडणवीस और ठाकरे बंधुओं के एक मंच पर आने से सियासी चर्चाएं तेज।
संजय राउत ने भविष्य में राजनीतिक बदलाव की संभावना जताई।
संजय शिरसाट ने 3-4 महीनों में शिंदे के दोबारा सीएम बनने का दावा किया।
Fadnavis Thackeray Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर नए सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के बीच मतभेदों की खबरों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक ही मंच पर नजर आए।
इस घटनाक्रम के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत के बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में क्या होगा, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
उद्धव और फडणवीस के एक मंच पर आने से चर्चा
प्रशांत कुलकर्णी द्वारा संपादित पुस्तक 'महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा' के विमोचन समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इस कार्यक्रम के अगले दिन संजय राउत और भाजपा नेता आशीष शेलार भी एक कार्यक्रम में एक साथ मंच साझा करते नजर आए। राउत ने उद्धव ठाकरे और फडणवीस के एक मंच पर आने को आपसी आत्मीयता का प्रतीक बताया।
संजय राउत ने लोकतंत्र को बदलाव की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि सत्ता में कोई भी व्यक्ति हमेशा नहीं रहता। उन्होंने आशीष शेलार की तारीफ भी की और बदले की राजनीति पर नाराजगी जताई। उनके बयान को महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने दावा किया है कि अगले तीन से चार महीनों में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने एकनाथ शिंदे के दोबारा मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई। साथ ही कहा कि अगला साल शिवसेना का होगा।
संजय शिरसाट ने भाजपा और शिवसेना के बीच किसी तरह के विवाद से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन को सार्वजनिक बयान देते समय मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी।