NCP के दोनों गुटों के विलय पर फिर मंथन, शरद पवार से मुलाकात के बाद पार्थ पवार ने बुलाई बैठक

NCP Sunetra Pawar Faction Merger: महाराष्ट्र में एनसीपी सुनेत्रा पवार गुट का शरद पवार गुट के साथ विलय को लेकर मंथन तेज हो गया है। पार्थ पवार ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ वरली में अहम बैठक की।
Deliberations intensify within the Sunetra Pawar faction regarding a merger with the Sharad Pawar faction
सुनेत्रा पवारसोर्स- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

NCP Merger Maharashtra Meeting: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सुनेत्रा पवार गुट में शरद पवार गुट के साथ विलय को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शनिवार को पार्थ पवार ने अपने वर्ली स्थित आवास पर पार्टी की कोर कमेटी के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की। इसमें प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल, नरहरि झिरवल और नवाब मलिक समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

शरद पवार से मुलाकात के बाद बैठक

कोर कमेटी की बैठक से एक दिन पहले शुक्रवार को पार्थ पवार ने अपने दादा शरद पवार से करीब तीन घंटे तक मुलाकात की थी। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक होने से दोनों गुटों के बीच संभावित विलय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, विलय को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

महायुति में कमजोर स्थिति की चर्चा

अजीत पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार गुट की राजनीतिक स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में नाशिक के पालक मंत्री पद पर भाजपा के गिरीश महाजन और रायगढ़ के पालक मंत्री पद पर शिवसेना (शिंदे गुट) के भरत गोगावले की नियुक्ति हुई।

नासिक के पालक मंत्री पद के लिए छगन भुजबल और रायगढ़ के लिए अदिती तटकरे की दावेदारी बताई जा रही थी। दोनों पद नहीं मिलने के बाद सुनेत्रा पवार गुट के महायुति में प्रभाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।

Deliberations intensify within the Sunetra Pawar faction regarding a merger with the Sharad Pawar faction
महाराष्ट्र में बनेगा महा CSR प्राधिकरण, सीएसआर फंड के पारदर्शी इस्तेमाल पर फडणवीस सरकार का जोर

विलय से बढ़ सकता है दबदबा

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि राकांपा के दोनों गुट एकजुट होते हैं तो महायुति में पार्टी की ताकत बढ़ सकती है। हालांकि, पार्टी के दो वरिष्ठ नेता कथित तौर पर विलय के पक्ष में नहीं हैं। उन्हें आशंका है कि दोनों गुटों के एक होने के बाद संगठन में उनकी भूमिका और राजनीतिक महत्व कम हो सकता है।

सच्चिदानंद सिंह पर कार्रवाई की चर्चा

बैठक में राकांपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह की ओर से भेजी गई नोटिस पर भी चर्चा होने की जानकारी है। सिंह ने सुनेत्रा पवार की राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को चुनौती दी है। 17 अगस्त को उन्होंने रिमाइंडर नोटिस भी भेजा था।

पार्थ पवार ने अनुशासनात्मक कार्रवाई पर दिया जोर

सूत्रों के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सच्चिदानंद सिंह के खिलाफ कार्रवाई की संभावना पर विचार किया। बताया जा रहा है कि उनके नोटिस को लेकर पार्थ पवार नाराज हैं और उन्होंने सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया है। अब इस मामले में पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर नजर है।

Navbharat Live
navbharatlive.com