Maharashtra Nikay Chunav: महायुति में सीट शेयरिंग पर घमासान, भाजपा-शिंदे बैठक आज

Maharashtra Local Body Election: बीएमसी चुनाव के ऐलान के बाद महायुति में सीट शेयरिंग को लेकर मंथन तेज हो गया है। 227 सीटों के बंटवारे पर भाजपा और शिंदे गुट के बीच खींचतान जारी है।
Mahayuti
महायुति (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Local Body Election: बीएमसी सहित राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव घोषित होने के बाद राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। खासकर देश की सबसे अमीर मनपा मुंबई पर सबकी निगाहें हैं।

बीएमसी की सत्ता काबिज करने महायुति में सीट शेयरिंग को लेकर महामंथन का दौर शुरू हो गया है। आज मंगलवार को भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं के बीच अहम बैठक होने जा रही है। इसमें सीट बंटवारे को लेकर चर्चा होगी।

भाजपा की ओर से मुंबई उपनगर के पालक मंत्री आशीष शेलार, मुंबई अध्यक्ष अमित साटम, एमएलसी प्रवीण दरेकर और विधायक अतुल भातखलकर इस बैठक में हिस्सा लेंगे। शिंदे गुट से सांसद श्रीकांत शिंदे, मंत्री उदय सामंत सहित अन्य नेताओं के बैठक में शामिल होने की चर्चा है।

बीएमसी में 227 नगरसेवक, बंटवारे पर माथापच्ची

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीएमसी की 227 सीटों में से शिंदे गुट ने 102 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा ठोंका है। जबकि भाजपा शिंदे गुट को 90 सीटों से ज्यादा देने को तैयार नहीं है। भाजपा 130 से 135 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।

आरपीआई (आठवले) को 7 सीटें दी जा सकती हैं। यदि शिंदे गुट १० सीटों पर मान जाता है तो भाजपा के हिस्से 130 सीटें आएंगी। फिलहाल डीसीएम अजीत पवार की अगुवाई वाली एनसीपी पर मौन रखा गया है।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इससे पहले पार्टी की ओर से शिंदे गुट को 75 सीटों की पेशकश की गई थी। हमारी पार्टी मिशन 150 के तहत आगे बढ़ रही है। फिलहाल महायुति में बीएमसी चुनाव को लेकर एनसीपी पर ज्यादा फोकस नहीं है।

पूर्व मंत्री नवाब मलिक को लेकर मतभेद

महायुति में भाजपा, शिवसेना (शिदे गुट), एनसीपी (एपी) और केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले की पार्टी आरपीआई शामिल हैं। एनसीपी (एपी) ने पूर्व मंत्री नवाब मलिक को बीएमसी चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी है। मंत्री शेलार ने मलिक पर लगे आरोपों का हवाला देते हुए पहले ही दावा कर चुके हैं कि हमारी पार्टी एनसीपी से गठबंधन नहीं करेगी। इस बारे में पार्टी वरिष्ठों को भी सूचित कर दिया गया है।

एनसीपी (एपी) से छुपा समझौता

  • सूत्रों की मानें तो भाजपा एनसीपी (एपी) से गठबंधन नहीं करेगी, भाजपा और एनसीपी का छुपा समझौता होगा।
  • अपने हिस्से में आई सीटों में से भाजपा लगभग 10 सीटें राकां को दे सकती है, ये वह सीटें होंगी, जहां मुस्लिम वोटरी का प्रभाव है। कट्टर हिंदुत्व की छवि होने के कारण मुस्लिम वोटरों का झुकाव भाजपा और शिंदे गुट की तरफ नहीं होगा।

शिंदे गुट चाहता है मुंबई में दबदबा

  • डीसीएम एकनाथ शिंदे मुंबई के पालक मंत्री हैं। वे देश की आर्थिक राजधानी मुबई में अपनी पार्टी का दबदबा चाहते है। बीएमसी में लगभग 25 साल तक शिवसेना (अविभाजित) की सत्ता रही है।
  • शिवसेना टूटने के बाद ठाकरे गुट के कई पूर्व नगरसेवक व नेता शिंदे गुट के पाले में आ गए है।
  • शिंदे गुट का दावा है कि मुंबई के लगभग 60 से अधिक पूर्व नगरसेवक उनके साथ है। शिंदे गुट मुंबई का अपना महापौर चाहता है।

मुंबई से नवभारत लाइव के लिए विनय यादव की रिपोर्ट

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