महाराष्ट्र सरकार दिसंबर तक लाएगी भूमि स्वामित्व अधिकार कानून, अपर मुख्य सचिव विकास खारगे ने दिए निर्देश

Maharashtra Revenue Department: महाराष्ट्र सरकार दिसंबर तक भूमि स्वामित्व अधिकार कानून लाएगी। अपर मुख्य सचिव विकास खारगे ने 15 दिनों में भूमि पैमाइश और सेवा संकल्प अभियान को गति देने के निर्देश दिए।
Maharashtra government to introduce land ownership rights law by December
चंद्रशेखर बावनकुले सोर्स- सोशल मीडिया
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Chandrashekhar Bawankule Land Title Law Revenue: संपत्ति मालिकों को अपने स्वामित्व का स्पष्ट और निश्चित प्रमाण मिल सके तथा अस्पष्ट या परस्पर विरोधी भूमि रिकॉर्ड के कारण होने वाले विवादों को कम किया जा सके,

इस उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार दिसंबर तक 'भूमि स्वामित्व अधिकार कानून' लाने की दिशा में काम कर रही है। राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने यह योजना सामने रखी है।

वर्तमान में राज्य में भूमि रिकॉर्ड और पंजीकृत दस्तावेजों को स्वामित्व के प्रमाण के रूप में माना जाता है, लेकिन सरकार की ओर से इसकी कोई गारंटी नहीं दी जाती। इस कमी के कारण स्वामित्व, उत्तराधिकार, भूमि की सीमाओं और परस्पर विरोधी दावों को लेकर विवाद होते हैं।

इसके परिणामस्वरूप भूमि लेन-देन और विकास परियोजनाएं भी बार-बार अटक जाती हैं। अधिकारियों के अनुसार, स्वामित्व को लेकर अनिश्चितता के कारण खरीदारों, डेवलपर्स और ऋण देने वाली संस्थाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

किसी लेन-देन से पहले उन्हें - गहन जांच-पड़ताल करनी पड़ती है और इसके बावजूद बाद में कोई विवाद उत्पन्न होने पर वे लंबे समय तक चलने वाली कानूनी लड़ाई में फंस सकते हैं। प्रस्तावित कानून से इस स्थिति में बदलाव आने की संभावना है।

इसके तहत राज्य 'निश्चित स्वामित्व अधिकार' प्रणाली की ओर बढ़ेगा। मौजूदा रिकॉर्ड और परस्पर विरोधी दावों की जांच करने के बाद सरकार यह आधिकारिक रूप से सुनिश्चित करेगी कि संबंधित भूमि का मालिक कौन है।

तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाए : खारगे

राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव विकास खारगे ने कहा है कि राजस्व विभाग से संबंधित शासकीय भूमि, शर्त उल्लंघन मामले, भूमि माप, नागरिकों को दी जाने वाली सेवाएं तथा उद्योग-व्यवसाय के लिए आवश्यक विभिन्न अनुमतियों के कार्यों को अधिक गतिशील बनाने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिया है कि नागरिकों की कठिनाइयों का तात्कालिक निराकरण कर राजस्व विभाग की सेवाओं में पारदर्शिता, गति और कार्यक्षमता बढ़ाई जाए। खारगे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि मापन कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए।

आवेदन प्राप्त होने के बाद माप का कार्य संभवत

15 दिनों की अवधि में पूर्ण करने की दृष्टि से कार्रवाई की जाए। कोकण विभागीय आयुक्त कार्यालय में कोकण विभाग के राजस्व तंत्र की विस्तृत समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में वे बोल रहे थे।

इस बैठक में विभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल, अतिरिक्त विभागीय आयुक्त सिद्धाराम सालीमठ, ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, मुंबई उपनगर जिलाधिकारी सौरभ- कटियार, अपर आयुक्त वैशाली इंदानी उंटवाल और उपायुक्त रवींद्र पवार प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे।

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'सेवा संकल्प' अभियान को प्रभावी रूप से चलाएं

जिलाधिकारियों को 'सेवा संकल्प' अभियान को प्रभावी रूप से चलाने के निर्देश देते हुए खारगे ने कहा कि राजस्व विभाग के कामकाज की नियमित समीक्षा की जाए।

प्रत्येक सप्ताह राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा कर लंबित मामलों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा, 'महाराजस्व अभियान' को फिर से प्रभावी रूप से शुरू कर विभागीय स्तर पर उसका क्रियान्वयन किया जाए।

नागरिकों को आवश्यक प्रमाणपत्र और अन्य राजस्व संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराते समय आने वाली कठिनाइयों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही निकाला जाए। आवश्यकतानुसार आधार कार्ड सहित अन्य नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित तंत्रों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। राजस्व अधिकारियों ने नियमित रूप से फील्ड विजिट करनी चाहिए।

सप्ताह में दौरे कर प्रत्यक्ष स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। अपर मुख्य सचिव खारगे ने राजस्व विभाग के कामकाज में प्रशासनिक सुधारों को विशेष प्राथमिकता देने को कहा उन्होंने कहा कि नागरिकों के कार्य यथासंभव ऑनलाइन पद्धति से पूर्ण करने पर जोर दिया जाए।

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