महाराष्ट्र दिवस: 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी, नौकरियों का मेगा प्लान; राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने बताया विजन 2047

Maharashtra Day: महाराष्ट्र दिवस पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और वधावन पोर्ट व औद्योगिक नीति के जरिए 50 लाख रोजगार सृजित करने का रोडमैप पेश किया।
Governor Jishnu Dev Varma Speech On Maharashtra Foundation Day
महाराष्ट्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा (सोर्स: एक्स@maha_governor)
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Governor Jishnu Dev Varma Speech On Maharashtra Foundation Day: महाराष्ट्र राज्य के 67वें स्थापना दिवस के अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में आयोजित समारोह में बोलते हुए राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार का विकसित महाराष्ट्र 2047 विजन दस्तावेज राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से समावेशी और उन्नत महाराष्ट्र के निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।

महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने शुक्रवार को कहा कि स्वतंत्रता के अमृतकाल के बाद भारत 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और इसमें महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने घोषणा की कि राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में 1 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देगा।

दावोस में 31.25 लाख करोड़ रुपए के MoU साइन हुए

राज्यपाल ने वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में महाराष्ट्र की बढ़ती प्रतिष्ठा बात करते हुए कहा कि दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर 31.25 लाख करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। राज्य की नई औद्योगिक नीति का लक्ष्य 70.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करना है, जिससे संभावित रूप से 50 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रोटोकॉल विभाग के भीतर एक समर्पित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश डेस्क स्थापित किया गया है।

महाराष्ट्र के इंफ्रास्ट्रक्चर पर की बात

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने बताया कि राज्य ने MITRA (महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन) द्वारा तैयार की गई पीपीपी पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का नया प्रवेश द्वार बनने के लिए तैयार है। मेट्रो लाइन-3 (एक्वा लाइन) पूरी तरह से चालू है और मुंबई महानगर क्षेत्र में 340 किलोमीटर लंबे जलमार्ग नेटवर्क का विकास किया जा रहा है। पालघर में स्थित वधावन बंदरगाह, जो भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह बनने जा रहा है, से 12 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

किसानों को मिल रही सब्सिडी

राज्यपाल ने कहा कि राज्य किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित 1 करोड़ से अधिक किसानों को सीधे तौर पर 15,950 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री की बलिराज मुफ्त बिजली योजना के तहत 45 लाख कृषि पंपों को 25,087 करोड़ रुपए की बिजली सब्सिडी मिल रही है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने अक्टूबर से नवंबर 2025 के बीच 45,911 सौर पंप स्थापित करके गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है और सतत ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व किया है।

राज्यपाल वर्मा ने कहा कि चीफ मिनिस्टर स्टूडेंट साइंस यात्रा के तहत ग्रामीण छात्र इसरो और नासा जैसे प्रमुख संस्थानों का दौरा करेंगे। 'उमेद' मिशन के माध्यम से 4 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और जल्द ही यह संख्या 5 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने आगे बताया कि राज्य एमपीएससी के माध्यम से 50,000 पदों और अन्य विभागों के माध्यम से 20,000 पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित कर रहा है। नई 'निपुण सेतु' पहल उन उम्मीदवारों को निजी क्षेत्र में अवसर प्रदान करेगी जो अंतिम साक्षात्कार चरण तक पहुंचते हैं लेकिन सरकारी पदों के लिए चयनित नहीं होते हैं। राज्यपाल ने 'मेरा गांव, स्वस्थ गांव', 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' अभियान और कुंभ मेला सहित कई सामाजिक पहलों का भी उल्लेख किया।

लोकभवन में आयोजित हुआ कार्यक्रम

महाराष्ट्र राज्य के 67वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने आज मुंबई के लोकभवन में राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत और राज्य गीत का गायन भी किया गया। इस अवसर पर, राज्यपाल ने महाराष्ट्र दिवस की सभी को शुभकामनाएं दीं और मिठाइयां भी वितरित कीं।

इस कार्यक्रम में राज्यपाल की पत्नी सुधा देव वर्मा, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवारे, संयुक्त सचिव एस. राममूर्ति, राज्यपाल के गृह प्रबंधक डॉ. निशिकांत देशपांडे, लोकभवन के अधिकारी और कर्मचारी, राज्य आरक्षित पुलिस बल के जवान तथा मुंबई पुलिस बल के अधिकारी और जवान उपस्थित थे।

इससे पहले, राज्यपाल ने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्य के विकास में श्रमिकों के योगदान को स्वीकार किया।

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