महाराष्ट्र कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी नाराजगी, हर्षवर्धन सपकाल की कार्यशैली पर सवाल

Maharashtra Congress में संगठनात्मक बदलावों के बीच असंतोष की खबरें सामने आई हैं। हर्षवर्धन सपकाल की कार्यशैली और युवा नेताओं को प्राथमिकता दिए जाने से कुछ वरिष्ठ नेता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
Maharashtra Congress Leaders upset with Harshwardhan Sapkal
हर्षवर्धन सपकाल ( फाइल फोटो- सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Congress Leaders upset with Harshwardhan Sapkal: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के काम करने के तरीके को लेकर कुछ नेता नाराज हैं।

इन नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर पार्टी आलाकमान से मिलने का मन बनाया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ सीनियर नेताओं को लग रहा है कि पार्टी के अहम फैसले व रणनीति बनाने में उनकी राय नहीं ली जा रही है।

इसलिए वे अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। दरअसल पार्टी प्रदेश अध्यक्ष कमान संभालने के बाद हर्षवर्धन सपकाल अपनी नई टीम को तैयार कर रहे हैं। इसके तहत हाल ही में 'संगठन सृजन अभियान' के तहत महाराष्ट्र में 69 जिला अध्यक्ष बदले गए हैं।

पिछले कई सालों से कई कांग्रेस नेता पदों पर आसीन थे, लेकिन उनकी सक्रियता जमीन पर दिखाई नहीं दे रही थी। ऐसे नेताओं को सपकाल ने ठिकाने लगाना शुरू कर दिया है। उनका यह टफ स्टैंड कुछ नेताओं को रास नहीं आ रहा है।

सपकाल ने साफ तौर से कहा है कि सिर्फ केबिन में बैठ कर मीडिया को बयान देने वाले नेता पार्टी के एजेंडा को लेकर आगे नहीं चल सकते हैं। अगर उन्हें पार्टी में अपनी अहमियत बनाए रखना है तो सड़कों पर उतर कर आम जनता और किसानों का मुद्दा उठाना होगा।

नए नेताओं को मौका

सपकाल अब पुराने नेताओं की जगह युवा नेताओं को ज्यादा मौका दे रहे हैं। विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर भी यह फॉर्मूला अपनाया गया है। इसके अलावा पार्टी पदाधिकारियों के चयन में भी युवा नेताओं को तरजीह दी जा रही है। यह कुछ नेताओं के लिए गले का फांस बन गई है।

हर किसी की इच्छा पूरी करना संभव नहीं

महाराष्ट्र कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने बताया है कि किसी भी दल में हर नेता की इच्छा पूरी नहीं की जा सकती है। जाहिर तौर से हमारे पार्टी अध्यक्ष भी ऐसा नहीं कर सकते हैं। ऐसे में उनके प्रति कुछ नेताओं की नाराजगी हो सकती है। लेकिन इस मसले को आपस में बैठ कर सुलझा लिया जाएगा। हमारा मानना है कि हमें आपस में लड़ने की जगह फिलहाल बीजेपी सरकार के खिलाफ मुद्दों को उठाने में ज्यादा ध्यान केनद्वित करना चाहिए। हर्षवर्धन सपकाल लगातार किसानों के मुद्दों को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हौं। ऐसे में अन्य नेताओं को भी उनका साथ देना चाहिए।

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