महाराष्ट्र कैबिनेट के 7 बड़े फैसले: किसान दुर्घटना सुरक्षा योजना 3 साल बढ़ी, 4 शहरों में नए सत्र न्यायालय

Maharashtra Cabinet Decisions: महाराष्ट्र कैबिनेट ने गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना सुरक्षा योजना को 3 साल के लिए बढ़ाया साथ ही राज्य में नए न्यायालयों की स्थापना और 3 नए सूचना आयुक्त पदों को मंजूरी दी।
7 major decisions by the Maharashtra Cabinet Farmers' Accident Insurance Scheme extended by 3 years
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गोपीनाथ मुंडे नवभारत डिजाइन फोटो
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Maharashtra Cabinet Meeting Farmer Accident Insurance Scheme: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को 7 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें से कई महत्वपूर्ण निर्णय राज्य भर की जनता, किसानों और प्रशासनिक व्यवस्था के हित में लिए गए हैं।

इन निर्णयों में ‘गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना सुरक्षा योजना’ को अगले 3 वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है और अब इसमें भूमिहीन कृषि श्रमिकों और महिला किसानों को भी शामिल किया गया है। इससे महिला किसान सशक्तिकरण अधिनियम के तहत इन्हें राहत मिलेगी।

सूचना आयोग में 3 नए पद बढ़े

इसके अलावा, न्याय व्यवस्था को और अधिक कुशल बनाने के लिए नासिक, नांदेड़, बीड, छत्रपति संभाजीनगर और पिंपरी-चिंचवड़ में नए न्यायालय और पद सृजित किए गए हैं, साथ ही राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्तों के 3 नए पदों को भी मंजूरी दी गई है। इन पदों के लिए आवश्यक अधिकारियों और कर्मचारियों के’ पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।

बेस्ट के बिलों का भुगतान समग्र बिलिंग प्रणाली से मुंबई शहर में सभी सरकारी कार्यालयों और मुंबई नगर निगम के बिजली बिलों का भुगतान बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन उपक्रम की समग्र बिलिंग प्रणाली के माध्यम से केंद्रीकृत तरीके से किया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक सुधारों को मंजूरी दे दी गई है।

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4 शहरों में अतिरिक्त सत्र न्यायालय

  • सिल्लोड (छत्रपति संभाजीनगर जिला) में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा सरकारी अभियोजक कार्यालय की स्थापना की जाएगी। तदनुसार, न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के पदों को मंजूरी दे दी गई है और इसके लिए वित्तीय प्रावधानों को भी स्वीकृत कर दिया गया है।

  •  चांदवड (नाशिक जिले) में एक वरिष्ठ सिविल न्यायालय की स्थापना की जाएगी। इसके लिए आवश्यक पदों के सृजन और व्यय के प्रावधान को मंजूरी दे दी गई है।

  • किंवत (जिला नांदेड़) में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय, सरकारी अभियोजक कार्यालय और वरिष्ठ सिविल न्यायालय की स्थापना की जाएगी। इन न्यायालयों के लिए आवश्यक न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के पदों को व्यय प्रावधान सहित स्वीकृत किया जाएगा।

  •  केज (जिला बीड) में एक वरिष्ठ सिविल न्यायालय की स्थापना की जाएगी। इस न्यायालय के लिए आवश्यक न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के पदों और उनसे संबंधित आवश्यक व्यय के प्रावधान को मंजूरी दे दी गई है।

  • पिंपरी-चिंचवड़ (पुणे जिला) में एक विशेष मोटर वाहन न्यायालय स्थापित किया जाएगा।

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