महाराष्ट्र में नकली बीज बेचने वालों पर कसेगा शिकंजा; कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने दिए नई नीति के निर्देश

Maharashtra Fake Seeds Action Policy: महाराष्ट्र में नकली व घटिया बीजों की बिक्री रोकने और जवाबदेही तय करने के लिए कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने नई नीति बनाने का ऐलान किया है।
Dattatray Bharne Action On Fake Seeds
नकली बीजों पर जिम्मेदारी तय करने का एक्शन प्लान तैयार करते कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे (फोटो क्रेडिट-X)
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Dattatray Bharne Action On Fake Seeds: महाराष्ट्र में हर साल बुवाई के मौसम के दौरान बड़े पैमाने पर सामने आने वाले नकली और घटिया बीजों की बिक्री के मामलों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। नकली बीजों के कारण किसानों को होने वाले भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान को गंभीरता से लेते हुए राज्य के कृषि विभाग ने इस गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

इस सिलसिले में हाल ही में राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नकली व दोषपूर्ण बीजों की बिक्री के संबंध में जवाबदेही और जिम्मेदारी तय करने की नई कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।

निरीक्षण प्रणाली में बदलाव; तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही

कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक का मुख्य उद्देश्य बीज निरीक्षण की मौजूदा जवाबदेही प्रणाली में अमूल-चूल बदलाव लाना और एक नई मानक कार्यप्रणाली (SOP) निर्धारित करना था। बैठक के दौरान राज्य के किसानों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले प्रामाणिक बीज उपलब्ध कराने और घटिया बीजों के कारण फसल बर्बादी के संकट को रोकने पर गहन मंथन हुआ।

इसके साथ ही, बीज के उत्पादन, उनके सुरक्षित भंडारण, प्रयोगशालाओं में निरीक्षण और अंतिम बिक्री तक की पूरी सप्लाई चेन में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों, विशेषज्ञों और किसान संगठनों के सुझावों व अनुशंसाओं पर विचार करते हुए एक बेहद सख्त और व्यापक नीति तैयार कर रही है।

शिकायतों पर तत्काल ऐक्शन; जल्द जारी होगी नई व्यापक नीति

इस प्रस्तावित नई नीति के तहत किसानों की बीज संबंधी किसी भी शिकायत पर कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा तत्काल कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बीज गुणवत्ता की जांच और निरीक्षण की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी व डिजिटल बनाया जाएगा, ताकि गुणवत्ता नियंत्रण को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी और फुलप्रूफ किया जा सके।

घटिया और नकली बीज बेचने वाली कंपनियों व डीलरों के खिलाफ कड़े कानूनी और प्रशासनिक उपाय भी इस नीति का मुख्य हिस्सा होंगे। कृषि मंत्री भरणे ने यह भी साफ किया है कि इस विषय पर गठित विशेष समिति के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी विचारों और वैज्ञानिक अध्ययनों की समीक्षा करने के बाद अंतिम नीति को तुरंत मंजूरी दी जाएगी, जिसमें राज्य के किसानों के आर्थिक कल्याण और फसल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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