केरोसिन स्टोव की वापसी, मुंबई में बढ़ी मांग, गैस सिलेंडर की लंबी वेटिंग से बचने का विकल्प!

Kerosene Stove Demand: मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण मुंबई में LPG संकट गहराया। लोग केरोसिन स्टोव की ओर लौटे। महाराष्ट्र सरकार अब पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराएगी।
Kerosene Stove Demand Mumbai
Kerosene Stove Demand Mumbai प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
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Kerosene Stove Demand Mumbai: मुंबई सहित पूरे देश में इस समय एलपीजी (LPG) आपूर्ति का गंभीर संकट गहराया हुआ है, जिसका सीधा असर आम आदमी की रसोई पर पड़ा है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते में बाधाओं के कारण भारत में रसोई गैस की आवक कम हो गई है। इस स्थिति ने मुंबईकरों को दशकों पीछे मुड़ने पर मजबूर कर दिया है। शहर के बाजारों में अब केरोसिन स्टोव (Kerosene Stove) की मांग में अचानक भारी उछाल आया है, जो कभी आधुनिक रसोई से गायब हो चुके थे।

महाराष्ट्र सरकार ने इस संकट को देखते हुए पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराने का बड़ा फैसला लिया है, जिससे लोग खाना पकाने के लिए वैकल्पिक ईंधन के रूप में इसका इस्तेमाल कर सकें।

मुंबई की दुकानों पर लौटा 'स्टोव' का दौर

पिछले कुछ दिनों में मुंबई के दादर, कुर्ला और अंधेरी जैसे व्यस्त बाजारों में बर्तनों और घरेलू उपकरणों की दुकानों पर केरोसिन स्टोव और प्राइमस (Primus) फिर से सज गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि जहां महीने भर पहले तक कोई स्टोव के बारे में पूछता तक नहीं था, वहीं अब प्रतिदिन दर्जनों ग्राहक स्टोव खरीदने पहुंच रहे हैं। इंडक्शन कुकटॉप्स (Induction) की बिक्री तो बढ़ी ही है, लेकिन बिजली की लागत और बर्तन बदलने की झंझट से बचने के लिए मध्यम और निम्न वर्ग के लोग पारंपरिक केरोसिन स्टोव को प्राथमिकता दे रहे हैं।

पेट्रोल पंपों पर मिलेगा केरोसिन, राशन कार्ड पर भी राहत

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने विधानसभा में घोषणा की है कि राज्य के पेट्रोल पंपों पर अब केरोसिन की बिक्री की जाएगी। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लोगों को ब्लैक मार्केट में ऊंची कीमतों पर गैस सिलेंडर न खरीदना पड़े। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केरोसिन केवल बीपीएल (BPL) परिवारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी राशन कार्ड धारकों को इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जिनके घर में गैस सिलेंडर खत्म हो चुका है और नई बुकिंग के लिए 25-30 दिनों का वेटिंग पीरियड चल रहा है।

मिडिल ईस्ट संघर्ष और गैस संकट का गहरा नाता

भारत अपनी कुल एलपीजी खपत का लगभग 80% हिस्सा आयात करता है, जिसका बड़ा भाग कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से आता है। वर्तमान में इजरायल-ईरान तनाव के कारण समुद्री व्यापार मार्ग (विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट) असुरक्षित हो गए हैं। इस वजह से गैस टैंकरों के पहुंचने में देरी हो रही है और वैश्विक बाजार में कीमतें बढ़ गई हैं। घरेलू बाजार में सिलेंडर की कीमतें बढ़ने और आपूर्ति घटने की वजह से होटल और घरेलू उपभोक्ता, दोनों ही अब कोयले और केरोसिन जैसे पुराने विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

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