

कुर्ला में घर पर अकेली 17 वर्षीय प्रियादेवी की संदिग्ध मौत।
17 वर्षीय नाबालिग के परिवार के दोस्त पर हत्या का आरोप लगाया।
माता-पिता ने आरोपी रामसिंह यादव को बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी थी।
शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटना और सिर पर गंभीर चोट लगना बताया गया है।
17 Year Old Girl Killed in Kurla: मुंबई के कुर्ला इलाके में 10 अक्टूबर को 17 वर्षीय एक किशोरी अपने ही घर में मृत पाई गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। कुर्ला वेस्ट में एक व्यक्ति ने अपने दोस्त की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी ने नाबालिग का गला घोंटकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद विनोबा भावे नगर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना के समय मृतका प्रियादेवी घर पर अपने सात साल के छोटे भाई के साथ अकेली थी। मृतका के पिता बसंतलाल कोरी (38) ने अपने दोस्त रामसिंह यादव (36) से बच्चों का ध्यान रखने का अनुरोध किया था।
दरअसल, बसंतलाल की पत्नी अपने बड़े बेटे के इलाज के सिलसिले में उत्तर प्रदेश गई हुई थीं, और पिता भी किसी जरूरी काम के चलते बाहर जाने वाले थे।
शिकायत के मुताबिक, बसंतलाल कोरी और उनकी पत्नी 9 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) के लिए रवाना हुए थे। इसके कुछ घंटों बाद, 10 अक्टूबर की सुबह लगभग 4:30 बजे आरोपी रामसिंह यादव ने परिवार को फोन करके घबराए हुए लहजे में सूचना दी कि प्रियादेवी घर के बाहर बेहोशी की हालत में पड़ी है। सूचना मिलते ही माता-पिता तुरंत वापस लौटे और अपनी बेटी को बेसुध पाया।
नाबालिग की गर्दन और ठुड्डी पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। परिवार तुरंत उसे नजदीकी भाभा अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद सुबह 5:20 बजे उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच और सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण गर्दन दबने से दम घुटना और सिर पर भारी चोट लगना बताया गया है।
बसंतलाल कोरी ने अपने दोस्त रामसिंह यादव पर अपनी बेटी का गला घोंटने और सिर पर जानलेवा हमला कर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता के शिकायत के आधार पर स्थानीय पुलिस थाने में औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई है। मुंबई पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से पूछताछ व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।