सह्याद्री की गोद में ‘कोयना दौलत डोंगरी महोत्सव 2026’, पर्यटन उत्सव में दिखेगी महाराष्ट्र की संस्कृति की झलक

Dongari Mahotsav 2026: सातारा के पाटण में 2 से 5 अप्रैल तक आयोजित होने वाला ‘कोयना दौलत डोंगरी महोत्सव 2026’ में स्थानीय कला को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने वाला प्रमुख पर्यटन उत्सव है।
सातारा फेस्टिवल, Koyna Daulat Dongari Mahotsav 2026
Satara tourism festival (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Satara Tourism Festival: महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन विभाग, सातारा जिला प्रशासन और विभागीय पर्यटन निदेशालय, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में सातारा के पाटण में 2 से 5 अप्रैल के बीच ‘कोयना दौलत डोंगरी महोत्सव 2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य सह्याद्री पर्वतमाला की गोद में बसे सातारा जिले के सुंदर और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाना है।

पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई के अनुसार, “‘कोयना दौलत डोंगरी महोत्सव 2026’ के माध्यम से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह पहल क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि, प्राकृतिक सुंदरता और साहसिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।” उन्होंने नागरिकों, किसानों, पर्यटकों और उद्यमियों से इस महोत्सव में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की है।

विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम

महोत्सव के दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम और गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। 2 अप्रैल को शाहिरी पोवाड़ा कार्यक्रम, 3 अप्रैल को भजन मंडल कार्यक्रम, 4 अप्रैल को ब्रास बैंड पथक का रोमांचक प्रदर्शन और 5 अप्रैल को लावणी महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के साथ पर्यटक आनंद मेला, बोटिंग, घुड़सवारी, पैराग्लाइडिंग और ऊंट सफारी का आनंद भी ले सकेंगे। महोत्सव में शस्त्र प्रदर्शन, इलेक्ट्रिक बग्गी, कार्निवल परेड, कृषि प्रदर्शनी, खाद्य मेला और पशु-पक्षी प्रदर्शनी जैसे कई आकर्षण भी होंगे। साथ ही महिला बचत समूहों को अपने उत्पादों और कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे।

‘कोयना दौलत डोंगरी महोत्सव 2026

‘कोयना दौलत डोंगरी महोत्सव 2026’ में मनोरंजन जगत के कलाकार संस्कृति बालगुडे, जान्हवी किल्लेकर, स्पृहा जोशी, भाऊ कदम, भारत गणेशपुरे, प्रियदर्शन जाधव, कुशल बद्रिके, हेमांगी कवी, गायक रोहित राऊत, गायिका जुईली जोगळेकर तथा गायक अभिजीत जाधव और आमु जाधव अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

पर्यटन और ग्रामीण संस्कृति का संगम

डोंगरी पर्यटन महोत्सव के दौरान पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन के विभिन्न रूपों का अनुभव करने का अवसर मिलेगा। महोत्सव में स्थानीय लोककला, पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रसिद्ध कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही पर्यटकों को ग्रामीण जीवनशैली से परिचित कराने के लिए कृषि पर्यटन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। राज्य की पर्यटन नीति के अनुसार महिला सशक्तिकरण, युवा पर्यटन और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मार्गदर्शन चर्चा सत्र भी आयोजित होंगे। सह्याद्री क्षेत्र के ऐतिहासिक गढ़-किलों की विरासत से परिचित कराने के लिए विशेष पर्यटन यात्राएं तथा आसपास के दर्शनीय स्थलों और प्राचीन मंदिरों के दर्शन के लिए भ्रमण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

स्वास्थ्य पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

राज्य पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव संजय खंदारे के अनुसार योग, ध्यान और आयुर्वेदिक उपचारों के माध्यम से स्वास्थ्य पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, जेटस्की जलक्रीड़ा, ट्रेकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और सीप्लेन राइड जैसी साहसिक गतिविधियों के माध्यम से पर्यटकों को रोमांचक अनुभव मिलेगा। स्थानीय महिला बचत समूहों की हस्तकला और कलाकृतियों की प्रदर्शनी-बिक्री तथा सातारा जिले की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को दर्शाने वाली पाककला प्रदर्शनी भी महोत्सव का विशेष आकर्षण होंगी।

इसके अलावा बोटिंग प्रतियोगिता, फोटोग्राफी और चित्रकला प्रतियोगिता के साथ कई कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। पर्यटन क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स, ट्रैवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए विशेष फैम टूर का भी आयोजन किया जाएगा।

प्राकृतिक सौंदर्य का बहुआयामी अनुभव

राज्य पर्यटन निदेशालय के निदेशक डॉ. बी. एन. पाटील के अनुसार इस महोत्सव के माध्यम से पर्यटकों को साहसिक गतिविधियों के साथ स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजन और प्राकृतिक सौंदर्य का बहुआयामी अनुभव देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पाटण और सातारा जिले की पर्यटन पहचान को मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की स्थापना 31 मई 2006 को की गई थी, जिसका उद्देश्य राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और पर्यटन क्षेत्र को सुदृढ़ बनाना है।

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