ई-गवर्नेंस सुधार मिशन में कोंकण क्षेत्र अव्वल, विशेष पुलिस महानिरीक्षक संजय दराडे सम्मानित

Mumbai News: 150-दिवसीय ई-गवर्नेंस सुधार मिशन में कोंकण क्षेत्र ने राज्य में पहला स्थान हासिल किया, जिसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विशेष पुलिस महानिरीक्षक संजय दराडे को सम्मानित किया।
ई-गवर्नेंस सुधार मिशन में कोंकण अव्वल (pic credit; social media)
ई-गवर्नेंस सुधार मिशन में कोंकण अव्वल (pic credit; social media)
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Maharashtra News: राज्य सरकार ने प्रशासन को अधिक जन-उन्मुख और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से 150-दिवसीय ई-गवर्नेंस सुधार मिशन शुरू किया है। इस मिशन के तहत वेबसाइट, डैशबोर्ड, आपले सरकार पोर्टल, ई-ऑफिस प्रणाली, व्हाट्सएप चैटबोट, एआई, ब्लॉकचेन और जीआईएस प्रणाली जैसी तकनीकों के उपयोग के मानदंड तय किए गए हैं। हाल ही में इन मानदंडों के आधार पर क्षेत्रीय विशेष पुलिस महानिरीक्षकों के प्रदर्शन का अंतरिम मूल्यांकन किया गया।

इस मूल्यांकन में कोंकण क्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय ने राज्यभर में पहला स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कोंकण क्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक संजय दराडे को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि ई-गवर्नेंस सुधार मिशन राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने का माध्यम बनेगा। वहीं, संजय दराडे ने कहा कि कोंकण क्षेत्र में नागरिकों की सहभागिता और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से यह सफलता मिली है।

कोंकण क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए हाल ही में एक आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल ‘रसमुद्र संदेशर’ भी शुरू किया गया है। यह चैनल नागरिकों के लिए द्वि-मार्गी संचार का साधन बनेगा। इसके माध्यम से लोग अवैध हथियारों, मादक पदार्थों की तस्करी, संदिग्ध नौकाओं जैसी जानकारी सीधे पुलिस को दे सकेंगे। दराडे ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे क्यूआर कोड स्कैन कर इस चैनल से जुड़ें और “रसुरक्षित समुद्र, सुरक्षित तटर” अभियान का हिस्सा बनें।

इसके साथ ही, एआई और ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल कर परिसंपत्तियों के लेनदेन को सुरक्षित व पारदर्शी बनाने की योजना भी लागू की जा रही है। हर लेनदेन को एक अलग कोड दिया जाएगा, जिसे मोबाइल फोन से स्कैन कर जांच अधिकारी आसानी से सत्यापित कर सकेंगे। इस तकनीक का उपयोग आपदा प्रबंधन, मत्स्य व्यवसाय की सुरक्षा और जागरूकता संदेश भेजने के लिए भी किया जाएगा।

कोंकण क्षेत्र की यह पहल न केवल तकनीक आधारित पारदर्शिता को बढ़ावा देती है, बल्कि नागरिक सहभागिता के जरिए सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता को भी नई दिशा प्रदान करती है।

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