Konkan Railway पर कम होगी ट्रेनों की स्पीड, मानसून में स्पेशल टाइम टेबल

Konkan Railway 15 जून से 20 अक्टूबर तक मानसून स्पेशल टाइम टेबल लागू करेगा। कई सेक्शनों में ट्रेनों की गति 75 Km/Hr तक सीमित रहेगी। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त निगरानी और ट्रैक पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई
Konkan Railway Prepares For Heavy Rains And Landslides
कोंकण रेलवे अधिकारियों की बैठक (सोर्सः फाइल फोटो)
Published on
Updated on

Konkan Railway Prepares For Heavy Rains And Landslides: मानसून के दौरान Konkan Railway की यात्रा करने वालों के लिए यह जरूरी खबर है। मानसून की दस्तक के साथ Konkan Railway ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की औसत स्पीड घटा दी जाएगी। कोंकण रेलवे ने अपनी सभी प्री-मानसून तैयारियां पूरी कर ली हैं।

20 अक्टूबर तक नया टाइमटेबल

Konkan Railway प्रशासन ने ऐलान किया है कि 15 जून से 20 अक्टूबर तक पूरे रूट पर स्पेशल मानसून टाइम टेबल लागू रहेगा। इस दौरान कई सेक्शन में ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार घटा दी जाएगी। वैसे हर साल जून से अक्टूबर तक कोंकण रूट पर भारी बारिश, भूस्खलन और जलभराव की संभावना रहती है। इससे पश्चिमी घाट के पहाड़ी इलाके और तटीय ट्रैक पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना जरूरी हो जाता है। इसी को देखते हुए कोंकण रेलवे ने इस बार भी मानसून पैटर्न के हिसाब से ट्रेन ऑपरेशन प्लान तैयार किया है।

वीर से कणकवली तक 75 Km/Hr की लिमिट

सबसे बड़ा बदलाव वीर से कणकवली सेक्शन में किया गया है। सामान्य दिनों में इस सेक्शन में ट्रेनें 100 से 110 किमी/घंटा की रफ्तार से चलती हैं, लेकिन मानसून के दौरान यह सीमा घटाकर 75 किमी/घंटा कर दी गई है। कोंकण रेलवे का कहना है कि घाटी वाले इलाकों में अचानक भूस्खलन या पेड़ गिरने की संभावना ज्यादा होती है, इसलिए लोअर स्पीड से ड्राइवर को कार्रवाई का पर्याप्त समय मिल सकेगा। इसके अलावा, रत्नागिरी, चिपलून, सावंतवाड़ी जैसे संवेदनशील जोन में भी मौसम के हिसाब से “कॉशन ऑर्डर” जारी किए जाएंगे। बारिश की तीव्रता बढ़ने पर कंट्रोल रूम तुरंत स्पीड और घटा सकता है।

स्पेशल टाइम टेबल 15 जून से लागू

15 जून से 20 अक्टूबर तक सभी एक्सप्रेस, मेल और पैसेंजर ट्रेनें रिवाइज्ड टाइम टेबल के अनुसार चलेंगी। कुछ ट्रेनों के ठहराव बढ़ाए गए हैं, कुछ का रनिंग टाइम 10 से 20 मिनट तक बढ़ाया गया है। कोंकण रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर से पहले NTES ऐप, IRCTC वेबसाइट या स्टेशन इन्क्वायरी से ट्रेन की सटीक टाइमिंग कन्फर्म कर लें।

पंक्चुअलिटी से ज्यादा सुरक्षा जरूरी

Konkan Railway के एमडी संतोष कुमार झा ने बताया कि मानसून टाइम टेबल का मकसद पंक्चुअलिटी से ज्यादा सुरक्षा है। ट्रैक पर पानी भरने, सिग्नल में दिक्कत आने या विजिबिलिटी कम होने पर ट्रेन को रोकने या धीमा करने का प्रावधान है।

उन्होंने बताया कि प्री-मानसून तैयारी के रूप में कोंकण रेलवे ने पिछले दो महीने में ट्रैक, ब्रिज और कलवर्ट की गहन जांच कराई। ड्रेनेज सिस्टम साफ किए गए, भूस्खलन संभावित 120 से ज्यादा पॉइंट्स पर अतिरिक्त रिटेनिंग वॉल और नेटिंग लगाई गई।

ट्रैक पेट्रोलिंग

हर 2 किमी पर ट्रैक पेट्रोलिंग स्टाफ तैनात रहेगा जो दिन में दो बार गश्त करेगा। इसके लिए 700 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। बिजली सप्लाई और सिग्नल सिस्टम को वॉटरप्रूफ किया गया है। कंट्रोल रूम को मौसम विभाग से सीधे जोड़ा गया है ताकि भारी बारिश की चेतावनी मिलते ही तुरंत एक्शन लिया जा सके।

इमरजेंसी रेस्क्यू वैन और मेडिकल टीम को रत्नागिरी और मडगांव में स्टैंडबाय पर रखा गया है। Konkan Railway के एमडीए ने बताया,कि हमारी प्राथमिकता जीरो एक्सीडेंट है। स्पीड घटने से यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन मानसून में सुरक्षा से बड़ा कुछ नहीं। कोंकण रेलवे ने भरोसा जताया है कि इन तैयारियों से मानसून में भी सफर सुरक्षित और सुचारू रहेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com