

Karuna Sharma Slams Jay Pawar: महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा इस्तेमाल किए गए 'गूंगी गुड़िया' शब्द को लेकर उठा राजनीतिक तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रदेश भर में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ता करुणा शर्मा-मुंडे भी इस विवाद में कूद पड़ी हैं।
सुनेत्रा पर टिप्पणी से जय पवार आहत हुए और अपनी नाराजगी कांग्रेस के खिलाफ जाहिर की। कांग्रेस की टिप्पणी को जय पावर और एनसीपी ने महिला का अपमान बताया। करुणा शर्मा ने अजित पवार के बेटे जय पवार के 'महिला सम्मान' से जुड़े बयान पर सीधा सवाल खड़ा करते हुए पूछा है कि क्या एनसीपी महिला उत्पीड़न के आरोपों से घिरे मंत्री धनंजय मुंडे को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएगी?
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए जय पवार ने कहा था कि सुनेत्रा पवार पर की गई टिप्पणी केवल एक व्यक्ति की आलोचना नहीं है, बल्कि अपनी मेहनत और जनसेवा से पहचान बनाने वाली हर महिला की गरिमा पर हमला है।
जय पवार के इस बयान पर हमला बोलते हुए करुणा शर्मा ने कहा, "जय दादा कहते हैं कि वे हर महिला के सम्मान के साथ खड़े हैं। यदि वे सच में महिलाओं के प्रति समर्पित हैं, तो क्या वे धनंजय मुंडे को अपनी पार्टी से निष्कासित करेंगे? जब धनंजय मुंडे ने अपनी पत्नी को प्रताड़ित किया, मानसिक परेशानी दी और जेल भेजने की कोशिश की, तब यह पूरी पार्टी और सुनेत्रा ताई मौन क्यों थीं?"
करुणा शर्मा ने बीड में आयोजित मंत्री धनंजय मुंडे की प्रेस कॉन्फ्रेंस के वायरल वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें मुंडे एक पत्रकार को कानून-व्यवस्था पर सवाल पूछने से रोकते दिख रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे नेता दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने ही नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना रवैये और महिलाओं के प्रति उनके व्यवहार पर चुप्पी साध लेते हैं।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल, पृथ्वीराज चव्हाण और विजय वडेट्टीवार द्वारा इस टिप्पणी का बचाव किए जाने के विरोध में एनसीपी कार्यकर्ता उग्र हो गए हैं। बीड जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने 'पार्थ-जय फाउंडेशन' और समर्थकों ने कांग्रेस नेताओं का पुतला फूंकते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वहीं लातूर के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर भी एनसीपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि महिलाओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।