कंगना रनौत की टिप्पणी पर राजनीतिक घमासान: CJP प्रवक्ता सौरव दास को कहा बेकार, भाजपा मंत्री महाजन ने दी नसीहत

Maharashtra Politics News: जंतर-मंतर आंदोलन को लेकर भाजपा सांसद कंगना रनौत और CJP प्रवक्ता सौरव दास में बयानबाजी तेज। मंत्री गिरीश महाजन ने संयमित भाषा की सलाह दी।
Verbal spat escalates between BJP MP Kangana Ranaut and CJP spokesperson Sourav Das; Minister Girish Mahajan advises political leaders to use restraint.
कंगना रनौत (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Kangana Ranaut BJP MP Verbal Spat CJP Spokesperson Sourav Das: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को लेकर भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत तथा सीजेपी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कंगना ने सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए उन्हें "बेकार" और "बेरोजगार" बताया। इससे पहले भी जेन-ज़ेड छात्रों को लेकर उनकी टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो चुका है।

गिरीश महाजन ने दी संयम बरतने की सलाह

कंगना रनौत की हालिया टिप्पणी पर महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों में सभी नेताओं को संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के सदस्य को सार्वजनिक जीवन में अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

सौरव दास के बयान के बाद कंगना का जवाब

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने इससे पहले कहा था कि उनकी पार्टी के सदस्य कंगना रनौत की टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि जेन-ज़ेड, जेन-अल्फा या युवा पीढ़ी का कोई वर्ग उनकी बातों को गंभीरता से सुनता है।

सोशल मीडिया पर कंगना का पलटवार

इसके जवाब में कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने सौरव दास के बारे में जानकारी जुटाई और उनकी उम्र 28 वर्ष है। कंगना ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से राजनीति में हैं, लेकिन बीते 20 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने पेशेवर अनुभव और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सौरव दास पर व्यक्तिगत टिप्पणी की और कहा कि उनके मुद्दे व्यक्तिगत हैं।

बयानों को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस

कंगना रनौत और सौरव दास के बीच इस जुबानी जंग के बाद राजनीतिक बयानबाजी को लेकर बहस तेज हो गई है। वहीं, गिरीश महाजन की संयम बरतने की अपील ने इस विवाद को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने बयानों पर कायम हैं और इस मुद्दे पर सियासी प्रतिक्रियाएं जारी हैं।