

Coastal Road Melody Strip: मुंबई की सड़कों पर अब सिर्फ रफ्तार का शोर नहीं, बल्कि देशभक्ति का संगीत भी गूंज रहा है। मुंबई कोस्टल रोड पर बनाया गया भारत का पहला 'मेलोडी रोड' (Melody Road) इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त सुर्खियां बटोर रहा है। नरीमन पॉइंट से वर्ली के बीच सफर करने वाले यात्री अब सड़क से निकलने वाली 'जय हो' गाने की मधुर धुन पर वीडियो और रील्स बना रहे हैं। यह अनूठा प्रयोग न केवल मनोरंजन के लिए है, बल्कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक स्मार्ट इंजीनियरिंग तकनीक का हिस्सा है।
हंगरी की तर्ज पर आधारित यह तकनीक देश में पहली बार किसी समुद्री मार्ग पर लागू की गई है।
इस सड़क का जादू इसके निर्माण में छिपे खास ग्रूव्स (Grooves) में है। सड़क की सतह पर खास अंतराल और गहराई पर खांचे बनाए गए हैं। जब कोई वाहन एक निर्धारित गति, करीब 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा पर इन ग्रूव्स के ऊपर से गुजरता है, तो टायरों और सड़क के घर्षण (Friction) से एक विशेष फ्रीक्वेंसी पैदा होती है। यह फ्रीक्वेंसी एआर रहमान के ऑस्कर विजेता गीत 'जय हो' की धुन में बदल जाती है। अगर गाड़ी की रफ्तार कम या ज्यादा होती है, तो धुन बिगड़ जाती है, जो चालक को सुरक्षित गति बनाए रखने का एक संकेत देती है।
कोस्टल रोड का यह हिस्सा अब मुंबई का नया 'पर्यटन स्थल' बन गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और एक्स (X) पर #MumbaiMelodyRoad ट्रेंड कर रहा है। यात्री अपनी कारों के शीशे नीचे कर इस धुन को रिकॉर्ड कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि यह अनुभव अद्भुत है और उन्हें सुरक्षित गति से गाड़ी चलाने के लिए प्रेरित करता है। पूर्व सांसद राहुल शेवाले की इस परिकल्पना को बीएमसी (BMC) ने सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा है, जिससे मुंबई की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, इस मेलोडी रोड का मुख्य उद्देश्य चालकों को 'स्पीड लिमिट' का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है। आमतौर पर एक्सप्रेस-वे पर लोग रफ्तार बढ़ाते हैं, लेकिन यहाँ संगीत सुनने की चाहत उन्हें नियंत्रित गति पर रखती है। यह तकनीक विदेशों में, विशेषकर हंगरी और जापान में बहुत लोकप्रिय है। मुंबई के इस प्रयोग की सफलता को देखते हुए, भविष्य में शहर के अन्य महत्वपूर्ण मार्गों और लंबे फ्लाईओवरों पर भी ऐसी मेलोडी स्ट्रिप्स बनाने पर विचार किया जा सकता है।