'फिल्में बन रही नफरत का हथियार', राहुल गांधी के बचाव में उतरे हुसैन दलवई, द केरल स्टोरी 2 को बताया प्रोपेगेंडा

Hussain Dalwai Support Rahul Gandhi Kerala Story 2: हुसैन दलवई ने 'द केरल स्टोरी 2' पर राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि फिल्मों के जरिए समाज में नफरत फैलाना अब बंद होना चाहिए।
Hussain Dalwai On Kerala Story 2
Hussain Dalwai On Kerala Story 2 (फोटो क्रेडिट-X)
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Hussain Dalwai On Kerala Story 2: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'द केरल स्टोरी 2' पर दी गई टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भी इस पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवई ने राहुल गांधी के बयान का पुरजोर समर्थन किया है। दलवई ने कहा कि वर्तमान समय में सिनेमा और मीडिया का उपयोग समाज में नफरत फैलाने और समुदायों के बीच दरार पैदा करने के लिए एक 'हथियार' के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के उस तर्क को सही ठहराया जिसमें उन्होंने कहा था कि ऐसी फिल्मों का न देखा जाना देश की एकता के लिए एक 'शुभ संकेत' है।

राहुल गांधी ने केरल के इडुक्की जिले में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान कहा था कि यह अच्छी खबर है कि 'द केरल स्टोरी 2' को देखने के लिए थिएटरों में भीड़ नहीं जुट रही है। उनके अनुसार, यह दर्शाता है कि भारतीय जनता अब प्रोपेगेंडा और नफरत वाली राजनीति को नकार रही है। हुसैन दलवई ने इसी सुर में सुर मिलाते हुए आरोप लगाया कि कुछ खास विचारधारा वाले लोग फिल्मों के माध्यम से समाज का ताना-बाना बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता की समझदारी ने इन प्रयासों को विफल कर दिया है।

नफरत फैलाने का माध्यम बनीं फिल्में

हुसैन दलवई ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले फिल्में मनोरंजन और सामाजिक संदेश का माध्यम होती थीं, लेकिन अब इनका इस्तेमाल एक विशेष प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'द केरल स्टोरी 2' जैसी फिल्में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करती हैं ताकि एक समुदाय विशेष को बदनाम किया जा सके। दलवई के अनुसार, राहुल गांधी ने बिल्कुल सही कहा है कि फिल्मों और टीवी को अब लोगों को बांटने और समाज में नफरत का जहर घोलने के लिए 'हथियार' बना लिया गया है।

केरल की संस्कृति को बदनाम करने की कोशिश

कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इस फिल्म का सीक्वल भी पिछले भाग की तरह ही केरल की धर्मनिरपेक्ष छवि और वहां की समृद्ध परंपराओं को गलत तरीके से पेश करने का प्रयास है। दलवई ने कहा कि जो लोग केरल की संस्कृति को नहीं समझते, वही इस तरह की फिल्मों का समर्थन करते हैं। राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि थिएटरों का खाली रहना इस बात का प्रमाण है कि लोग अब समझ चुके हैं कि क्या सच है और क्या केवल राजनीतिक लाभ के लिए बनाया गया प्रोपेगेंडा।

बढ़ते तनाव के बीच सिनेमा की भूमिका

हुसैन दलवई ने चेतावनी दी कि यदि फिल्मों के जरिए इसी तरह नफरत फैलाई जाती रही, तो इसका देश की अखंडता पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि सेंसर बोर्ड को ऐसी फिल्मों को अनुमति देने से पहले सामाजिक प्रभाव पर गहराई से विचार करना चाहिए। दलवई ने कहा कि विपक्ष ऐसी हर कोशिश का विरोध करेगा जो देश के नागरिकों को धर्म या जाति के नाम पर लड़ाने का काम करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी का रुख किसी फिल्म के विरोध में नहीं, बल्कि उस नफरत भरी सोच के खिलाफ है जो इनके जरिए फैलाई जा रही है।

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