मुंबई में मृणालताई गोरे फ्लाईओवर के विस्तार कार्य पर श्रेय की जंग, महापौर और शिवसेना में छिड़ा विवाद

Mumbai Flyover News: मुंबई के गोरेगांव में मृणालताई गोरे फ्लाईओवर के विस्तार कार्य की गुणवत्ता को लेकर राजनीति गरमा गई है। महापौर ने काम को सराहा, जबकि शिवसेना (UBT) ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
Politics heats up over Mumbai's Mrinaltai Gore flyover extension. While the Mayor found the quality satisfactory, Shiv Sena (UBT) alleged poor work and corruption.
मृणालताई गोरे फ्लाईओवर फोटो.सोशल मीडिया)
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Mumbai Flyover Goregaon Mayor Ritu Tawde: गोरेगांव (पश्चिम) स्थित मृणालताई गोरे पलाईओवर के राम मंदिर मार्ग के रिलीफ रोड तक विस्तारित किए गए चरण की निर्माण गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई है। यह कहना है मुंबई महापौर रितू तावड़े का। मंगलवार को उन्होंने फ्लाईओवर का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और अधिकारियों को शेष छोटे-मोटे कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

हालांकि, मंगलवार सुबह शिवसेना (उद्धव) की वरिष्ठ नेता किशोरी पेडणेकर ने भी फ्लाईओवर का दौरा किया और कहा कि इसकी गुणवत्ता खराब है। वहीं इसके पहले भी विपक्ष ने भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुका है। निरीक्षण के दौरान मुंबई महापौर ने फ्लाईओवर के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर निर्माण गुणवत्ता, सड़क की ज्यामितीय संरचना, घुमावदार मोड़ों तथा इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी ली।

ब्रिज के दोनों ओर हरियाली विकसित करने पर जोर

उनके साथ स्थानीय नगरसेवक संदीप पटेल, नगरसेविका प्रीति साटम, मुख्य अभियंता (पुल) राजेश मुले, उपमुख्य अभियंता उमेश बोडके और अन्य अधिकारी मौजूद थे। महापौर ने कहा कि निरीक्षण और अभियंताओं द्वारा प्रस्तुत तकनीकी जानकारी के आधार पर फ्लाईओवर की गुणवत्ता अच्छी प्रतीत होती है। हालांकि, कुछ स्थानों पर दिखाई देने वाले छोटे उभारों को हटाने, सड़क किनारों को व्यवस्थित करने और अतिरिक्त दिशासूचक संकेतक लगाने की आवश्यकता है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईओवर पर 40 मिलीमीटर मोटाई का मैस्टिक डामर (मास्टिक अस्फाल्ट) वेयरिंग कोर्स लगाया गया है। यह तकनीक पुलों पर जलरोधक क्षमता, टिकाऊपन, जंग-रोधी गुणों और लंबे सेवा जीवन के लिए उपयोग की जाती है। महापौर रितू तावड़े ने फ्लाईओवर के दोनों ओर हरियाली विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने वर्टिकल गार्डन या अन्य उपयुक्त विकल्पों के माध्यम से हरित वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए।

बीएमसी पर उठाए सवाल

पेडणेकर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और संभावित भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए बीएमसी प्रशासन पर सवाल उठाए। करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए फ्लाईओवर की स्थिति यदि उद्घाटन के कुछ ही दिनों में खराब दिखाई देने लगे, तो यह निर्माण की गुणवत्ता और संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

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