Mumbai Fire: गोरेगांव की 45 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 9वीं मंजिल पर फंसे कई लोग, रेस्क्यू जारी

Goregaon Skyscraper Fire: मुंबई के गोरेगांव में एक 45 मंजिला इमारत की 9वीं मंजिल पर भीषण आग लगी है। कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, दमकल टीम मौके पर तैनात है।
Mumbai Goregaon Building Fire
Mumbai Goregaon Building Fire (फोटो क्रेडिट-X)
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Building Fire Goregaon: मुंबई के गोरेगांव इलाके में स्थित एक 45 मंजिला आलीशान इमारत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया है। आग इमारत की 9वीं मंजिल पर लगी, जिसकी लपटें और धुंआ देखकर आसपास के निवासियों में दहशत फैल गई। बहुमंजिला इमारत होने के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इमारत के भीतर अभी भी कई लोग फंसे हो सकते हैं, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दमकल विभाग की टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। जिस इमारत में आग लगी है वो गोरेगांव ईस्ट में मौजूद है इमारत का नाम डीबी वूड्स है।

गोरेगांव के इस हाई-प्रोफाइल इलाके में हुई दुर्घटना ने गगनचुंबी इमारतों की फायर सेफ्टी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

9वीं मंजिल से शुरू हुई तबाही, ऊपर के फ्लोर्स पर खतरा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग सुबह के समय लगी और देखते ही देखते इसने 9वीं मंजिल के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। ऊंची इमारत होने के कारण दमकल कर्मियों को हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और आधुनिक मशीनों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग लगने के तुरंत बाद पूरी बिल्डिंग में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए नीचे की ओर भागने लगे। हालांकि, धुंआ अधिक होने के कारण ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

राहत और बचाव कार्य: दमकल की 10 से अधिक गाड़ियां तैनात

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियां और एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई हैं। दमकल कर्मी सीढ़ियों और लिफ्ट शाफ्ट के जरिए फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

चुनौतियां: इतनी ऊंचाई पर आग बुझाना दमकल टीम के लिए बड़ी चुनौती है, क्योंकि आग फैलने की सूरत में अन्य मंजिलों को बचाना मुश्किल हो सकता है।

फंसे हुए लोग: सूत्रों के अनुसार, कुछ बुजुर्ग और बच्चे धुएं के कारण अपने फ्लैटों में ही फंसे रह गए हैं, जिन्हें रेस्क्यू करने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

फायर सेफ्टी नियमों पर उठे सवाल

मुंबई नगर निगम (BMC) के नियमों के तहत हर ऊंची इमारत के लिए फायर सेफ्टी क्लीयरेंस अनिवार्य है। गोरेगांव के इस हाई-प्रोफाइल टॉवर में आग बुझाने के स्वचालित यंत्र (Sprinklers) और फायर अलार्म काम कर रहे थे या नहीं, इसकी जांच आग बुझने के बाद की जाएगी। फिलहाल आग लगने के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट को शुरुआती वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इमारत की बिजली और गैस सप्लाई काट दी है ताकि कोई बड़ा विस्फोट न हो।

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