मंत्री गिरीश महाजन को खरी-खोटी सुनाने वाली महिला की बढ़ी मुश्किलें, अब पुलिस स्टेशन पहुँचा विवाद

Zen Sadavarte Complaint: मुंबई के वरली में बीजेपी के मोर्चे के दौरान मंत्री Girish Mahajan को खरी-खोटी सुनाने वाली महिला के खिलाफ झेन सदावर्ते ने पुलिस केस दर्ज कराया। जानें क्या है पूरा विवाद।
Troubles Mount for Woman Who Gave Minister Girish Mahajan a Scathing Rebuke; Dispute Now Reaches Police Station
गुणरत्न सदावर्ते व बेटी झेन सदावर्ते (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Girish Mahajan Worli News: मुंबई के वरली इलाके में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 'जनआक्रोश मोर्चा' के दौरान हुआ विवाद अब पुलिस थाने तक पहुँच गया है। मंत्री गिरीश महाजन की गाड़ी रोककर उन्हें 'खडेबोल' सुनाने वाली स्थानीय महिला के खिलाफ एडवोकेट गुणरत्न सदावर्ते की बेटी झेन सदावर्ते ने वरली पुलिस स्टेशन में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब कानूनी कार्रवाई की तलवार उस महिला पर लटक रही है।

क्या है पूरा मामला?

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक नामंजूर होने के विरोध में भाजपा ने वरली के जांबोरी मैदान से NSCI डोम तक एक विशाल मोर्चा निकाला था। इस मोर्चे के कारण दक्षिण मुंबई और विशेषकर वरली इलाके में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। घंटों तक जाम में फंसी एक स्थानीय महिला का सब्र टूट गया और उसने सीधे मंत्री गिरीश महाजन का काफिला रोक लिया। महिला ने बेहद आक्रामक लहजे में कहा, "यह सब क्या चल रहा है? यहाँ से चले जाइए! आपके इस तमाशे की वजह से सैकड़ों लोग फंसे हैं।"

झेन सदावर्ते की शिकायत और आरोप

इस घटना में नया मोड़ तब आया जब झेन सदावर्ते ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। झेन का आरोप है कि उस महिला ने न केवल मंत्री को रोका, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों के साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें गाली दी। झेन के अनुसार, विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने वाले अधिकारियों को अपमानित करना दंडनीय अपराध है।

मंत्री गिरीश महाजन का पक्ष

इस पूरे विवाद पर मंत्री गिरीश महाजन  (Girish Mahajan) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि मोर्चे के कारण आम जनता को थोड़ी असुविधा हुई, लेकिन महिला का व्यवहार अनुचित था। महाजन ने कहा, "मैं उन्हें समझाने की कोशिश कर रहा था कि हम 10-15 मिनट में रास्ता खाली कर देंगे, लेकिन वह महिला पुलिसकर्मियों के साथ बहुत गंदी भाषा में बात कर रही थीं। उन्होंने बोतल तक फेंकी। हम आगे से ध्यान रखेंगे कि जनता को असुविधा न हो, लेकिन ऐसी भाषा का इस्तेमाल गलत है।"

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

वरली पुलिस अब झेन सदावर्ते की शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। यह मामला अब सोशल मीडिया पर दो पक्षों में बंट गया है, एक पक्ष उस महिला की हिम्मत की तारीफ कर रहा है जो जनता की तकलीफ के लिए मंत्री से भिड़ गई, वहीं दूसरा पक्ष पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था के साथ दुर्व्यवहार करने पर महिला की आलोचना कर रहा है।

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