

Ganeshotsav Pandal Best Electricity Connection Rules: मुंबई में गणेशोत्सव की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं। बप्पा के स्वागत के लिए पंडाल सजने लगे हैं। लेकिन इस बार मुंबई के गणेश पंडालों को रोशन करने से पहले गणेश मंडलों को सुरक्षा और नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा। मुंबई में बिजली आपूर्ति करने वाली संस्था बेस्ट ने गणेशोत्सव के लिए इलेक्ट्रिसिटी गाइएलाइन्स जारी की है।
इसके तहत पंडालों में अस्थाई बिजली कनेक्शन लेने के लिए 11 अनिवार्य शर्तों को पूरा करना होगा, जिसमें ईएलसीबी टेस्ट रिपोर्ट जमा करना सबसे महत्वपूर्ण है।
बेस्ट ने इस बार विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर दिया है। किसी भी अनहोनी या शॉर्ट सर्किट के खतरे से बचने के लिए मंडलों के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
ELCB टेस्ट रिपोर्ट अनिवार्य: सभी मंडलों को मान्यता प्राप्त विद्युत ठेकेदार से लोड का मूल्यांकन कराकर टेस्टिंग रिपोर्ट के साथ ईएलसीबी परीक्षण रिपोर्ट भी देनी होगी।
सुरक्षित वायरिंग: पंडालों की वायरिंग पूरी तरह से भारतीय विद्युत नियमों के अनुसार होनी चाहिए।
खुले तारों पर पाबंदी: किसी भी स्थिति में बिजली के तार जमीन पर खुले नहीं छोड़े जा सकते। इसके अलावा, स्ट्रीट लाइट के चारों ओर तार लपेटना या असुरक्षित तरीके से कनेक्शन जोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
अस्थाई कनेक्शन पाने के लिए मंडलों को ऑनलाइन आवेदन के साथ कई जरूरी दस्तावेज और अनुमतियां पेश करनी होंगी। जिस जमीन पर पंडाल बनाया जा रहा है, उसके मालिक या संबंधित हाउसिंग सोसाइटी की लिखित अनुमति जरूरी है।
पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका की मंजूरी अनिवार्य है। यदि मंडल सड़क या फुटपाथ पर पंडाल लगा रहे हैं, तो बीएमसी से NOC लेना होगा। इसके साथ ही इस वर्ष या पिछले वर्ष की पुलिस स्टेशन की अनुमति की कॉपी लगानी होगी। अगर इस साल की अनुमति अभी नहीं मिली है, तो पुलिस स्टेशन में दिए गए आवेदन की रसीद की फोटोकॉपी लगानी होगी।
जिस केबिन में अस्थाई मीटर लगाया जाना है, वहां लगे किसी एक चालू मीटर का बिजली बिल आवेदन के साथ जोड़ना होगा। साथ ही पिछले वर्षों का कोई भी बकाया बिल नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, बिजली बिल के भुगतान की गारंटी देने वाला एक पत्र भी देना होगा।
बेस्ट ने मंडलों की सुविधा के लिए अपने सभी ग्राहक सेवा विभागों में विशेष सुविधा कक्ष स्थापित किए हैं। आवेदन पत्र में मंडल का नाम, पूरा पता, बिजली की आवश्यकता की अवधि, जिम्मेदार प्रतिनिधि का नाम और मोबाइल नंबर, और बैंक खाते का पूरा विवरण दर्ज करना होगा।
सुरक्षा जमा राशि के रिफंड को लेकर भी व्यवस्था साफ की गई है। मंडलों को NIFT फॉर्म भरना होगा। वास्तविक बिजली खपत के अनुसार बिल का समायोजन करने के बाद बची हुई सुरक्षा राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। यदि कोई मंडल NIFT फॉर्म नहीं भरता है, तो उसकी सुरक्षा जमा राशि 60 दिनों के भीतर चेक के जरिए वापस की जाएगी।
कनेक्शन के प्रकार के आधार पर बेस्ट ने शुल्क भी निर्धारित किए हैं।
रेजिस्ट्रेशन फीस: सिंगल फेज के लिए मात्र 10 रुपये और थ्री फेज के लिए 15 रुपये।
कनेक्शन शुल्क: सिंगल फेज के लिए 150 रुपये और थ्री फेज के लिए 200 रुपये। यदि कनेक्शन की व्यवस्था पहले से उपलब्ध नहीं है, तो वास्तविक खर्च के अनुसार शुल्क लिया जाएगा।
सुरक्षा जमा राशि: वर्ष 2025 के बिजली बिल की राशि के बराबर सुरक्षा निधि ली जाएगी। नए मंडलों के लिए यह दर 20 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिदिन तय की गई है।
मीटर डिपॉजिट: सिंगल फेज के लिए 3,500 रुपये, थ्री फेज (60 किलोवाट तक) के लिए 4,500 रुपये और 60 किलोवाट से अधिक के भारी उपयोग के लिए सीटी मीटर हेतु 10,000 रुपये जमा करने होंगे।
1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 की अवधि के लिए तय बिजली दरें इस प्रकार हैं-
0 से 100 यूनिट: फिक्स्ड चार्ज 135 रुपये, एनर्जी चार्ज 2.02 रुपये और ट्रांसपोर्ट चार्ज 1.82 रुपये प्रति यूनिट।
101 से 300 यूनिट: फिक्स्ड चार्ज 202.50 रुपये, एनर्जी चार्ज 5.35 रुपये और ट्रांसपोर्ट चार्ज 1.82 रुपये प्रति यूनिट।
301 से 400 यूनिट: फिक्स्ड चार्ज 202.50 रुपये, एनर्जी चार्ज 10.04 रुपये और ट्रांसपोर्ट चार्ज 1.82 रुपये प्रति यूनिट।
400 यूनिट से अधिक: फिक्स्ड चार्ज 240 रुपये, एनर्जी चार्ज 12.25 रुपये और ट्रांसपोर्ट चार्ज 1.82 रुपये प्रति यूनिट।
सभी गणेश मंडलों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते इन औपचारिकताओं को पूरा कर लें ताकि बप्पा की आराधना के दौरान किसी भी तरह की विघ्न-बाधा न आए और त्योहार पूरी सुरक्षा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा सके।