पालघर जैसी अनहोनी टली! जोगेश्वरी में 4 कथित साधुओं की पिटाई, पुलिस ने ऐन वक्त पर संभाला मामला

Mumbai Jogeshwari Suspected Sadhus Mob Incident: मुंबई के जोगेश्वरी में बच्चा चोरी के शक में 4 संदिग्ध साधुओं की पिटाई; मौके पर पहुंची एमआईडीसी पुलिस मामले की जांच में जुटी।
Jogeshwari Sadhu Incident
जोगेश्वरी इलाके में संदिग्ध रूप से घूम रहे थे 4 नकली साधू? लोगों का फूटा गुस्सा (फोटो क्रेडिट-X)
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Mumbai Jogeshwari Sadhu Incident: महाराष्ट्र के पालघर जिले में साल 2020 में हुई साधुओं की बर्बर लिंचिंग (भीड़ द्वारा की गई हत्या) का जख्म अभी पूरी तरह भरा भी नहीं था कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से भी वैसी ही एक खौफनाक घटना सामने आई है। मुंबई के जोगेश्वरी पूर्व इलाके में बच्चा चोरी के शक और अफवाहों के चलते स्थानीय नागरिकों की भीड़ ने चार तथाकथित साधुओं को पकड़कर उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी। हालांकि, इस बार सतर्कता दिखाते हुए गुस्साए नागरिकों ने कानून को पूरी तरह हाथ में लेने के बजाय इन चारों संदिग्धों को पुलिस के हवाले कर दिया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।

इस संवेदनशील घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी तनाव है और एमआईडीसी (MIDC) थाना पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से तफ्तीश कर रही है। संदिग्ध साधु इलाके में गश्त क्यों लगा रहे थे पुलिस उसके विषय में पूछताछ कर रही है।

पिछले चार दिनों से अंधेरी-जोगेश्वरी इलाके में देखी जा रही थी संदिग्ध हलचल

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद पिछले कुछ दिनों से पनप रहे संदेह का नतीजा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि ये चारों तथाकथित साधु पिछले चार दिनों से अंधेरी और जोगेश्वरी के विभिन्न रिहायशी इलाकों में अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे थे। स्थानीय लोगों को शक था कि साधुओं के भेष में घूम रहा यह गिरोह बच्चों का अपहरण करने की फिराक में है। इस अफवाह और डर के कारण पिछले दो-तीन दिनों से इलाके के अभिभावकों और बच्चों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ था, जिसके बाद सोमवार को गुस्साए युवाओं ने इन्हें घेर लिया।

एमआईडीसी पुलिस ने चारों को लिया हिरासत में

घटना की भनक लगते ही और नागरिकों द्वारा दी गई सूचना के तुरंत बाद एमआईडीसी पुलिस स्टेशन की एक विशेष टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ के चंगुल से चारों कथित साधुओं को छुड़ाया और उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर थाने ले आई। पुलिस अब इन चारों व्यक्तियों के असली नाम, पते और उनके आधार या अन्य पहचान पत्रों की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे वास्तव में किसी धार्मिक संप्रदाय से जुड़े साधु हैं या साधुओं के भेष में किसी अपराध को अंजाम देने आए अपराधी हैं।

पालघर की भयावह यादें हुईं ताजा

इस घटना ने महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार के कार्यकाल के दौरान 16 अप्रैल 2020 को पालघर के गडचिंचाले गांव में हुई साधु लिंचिंग की खौफनाक यादों को ताजा कर दिया है, जहां बच्चा चोरी की अफवाह के चलते भीड़ ने दो साधुओं और उनके ड्राइवर की जान ले ली थी। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। एमआईडीसी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कड़ा संदेश जारी करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया या मोहल्ले में फैलने वाली किसी भी प्रकार की बच्चा चोरी की अफवाहों पर बिल्कुल भी विश्वास न करें। यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नजर आता है, तो खुद कानून हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर सूचित करें।

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