

Fadnavis Cabinet 8 Major Decisions: महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल हमेशा बनी रहती है, लेकिन हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक ने राज्य के विकास और प्रशासन की दिशा में कुछ ऐसे ठोस कदम उठाए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता के जीवन पर पड़ने वाला है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दानों उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुई इस बैठक में 8 प्रमुख फैसलों पर मुहर लगाई गई है। ये निर्णय केवल प्रशासनिक सुधार ही नहीं हैं, बल्कि न्याय व्यवस्था को आम आदमी के दरवाजे तक पहुंचाने की एक बड़ी कोशिश भी हैं।
कैबिनेट का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण फैसला किसानों के कल्याण से जुड़ा है। गोपीनाथ मुंडे शेतकरी अपघात सुरक्षा सानुग्रह अनुदान योजना को अगले तीन साल के लिए विस्तार दे दिया गया है। खास बात यह है कि अब इस योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है। पहले जहां इसमें कुछ सीमाएं थीं, अब इसमें भूमिहीन खेतिहर मजदूर और महिला किसानों को भी शामिल किया गया है।
महिला किसान सशक्तिकरण कानून के चलते अब ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को एक नया संबल मिलेगा, जिससे दुर्घटना की स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।
मुंबई शहर में रहने वाले लोगों और सरकारी विभागों के लिए भी एक बड़ी खबर है। अब मुंबई के सभी सरकारी कार्यालयों और BMC के बिजली बिलों का भुगतान BEST की कंपोजिट बिलिंग प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इस केंद्रीकृत व्यवस्था से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार भी आएगा।
पारदर्शिता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, महाराष्ट्र राज्य सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त के तीन नए पदों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही इन पदों के लिए आवश्यक सहायक अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती को भी हरी झंडी दिखा दी गई है, जिससे RTI आवेदनों के निपटारे में तेजी आएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय पाने के लिए लोगों को दूर न जाना पड़े, इसके लिए सरकार ने अदालतों का जाल बिछाया है। छत्रपति संभाजीनगर जिले के सिल्लोड में अब जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय के साथ सरकारी वकील कार्यालय खोला जाएगा। वहीं, नासिक के चांदवड में वरिष्ठ स्तर का दीवानी न्यायालय शुरू करने और उसके लिए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
नांदेड जिले के किनवट में भी एक व्यापक न्यायिक ढांचा तैयार किया जा रहा है। यहां जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय, सरकारी वकील कार्यालय और वरिष्ठ स्तर का दीवानी न्यायालय, तीनों ही स्थापित किए जाएंगे। इसी तरह बीड जिले के केज में भी वरिष्ठ स्तर का दीवानी न्यायालय शुरू करने के लिए आर्थिक प्रावधानों को स्वीकृति मिल गई है।
बढ़ते शहरीकरण और ट्रैफिक संबंधी विवादों को देखते हुए पुणे के पिंपरी-चिंचवड में एक विशेष मोटर वाहन न्यायालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इससे दुर्घटनाओं और वाहन संबंधी कानूनी मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा।
इन 8 बड़े फैसलों के जरिए सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे समाज के हर तबके चाहे वह खेत में पसीना बहाने वाला मजदूर हो या न्याय की उम्मीद में कोर्ट के चक्कर काटने वाला आम नागरिक सभी के साथ मजबूती से खड़े हैं।