महाराष्ट्र में स्कूलों के पास नहीं बिकेंगे अधिक कैफीन वाले एनर्जी ड्रिंक, मंत्री आत्राम ने किया ऐलान

महाराष्ट्र में स्कूलों के पास लगे एनर्जी ड्रिंक बेचने वाले दुकानों और इसे खरीदकर पीने वाले छात्रों और युवाओं के ऐसे दुकानों के लिए बुरी खबर आने वाली है। महाराष्ट्र सरकार अब इस पर बैन लगाने की तैयारी कर है। विधान परिषद में बोलते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम ने कहा कि विभाग स्कूलों के पास एनर्जी ड्रिंक को लेकर एक आदेश जारी करेगा।
Energy drinks with high caffeine content will not be sold near schools in Maharashtra
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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मुंबई: आजकल के बच्चे और युवाओं रेस्तरां, होटल और फास्ट फुड खाने के शौकीन है। खाने के साथ-साथ उन्हें एनर्जी ड्रिंक पीना भी बेहत पसंद है। आपने टीवी पर एनर्जी ड्रिंक्स के विज्ञापन बहुत देखे होंगे। बड़े-बड़े कलाकार शाहरूख, सलमान से लेकर ऋतिक रोशन तक इन विज्ञापनों में दिखाई देते है और आपको एनर्जी और कूल होने के लिए पीने की सलाह देते है। स्कूलों और कॉलेजों के पास ऐसे दुकानों की भरमार रहती है।

महाराष्ट्र में स्कूलों के पास लगे एनर्जी ड्रिंक बेचने वाले दुकानों और इसे खरीदकर पीने वाले छात्रों और युवाओं के ऐसे दुकानों के लिए बुरी खबर आने वाली है। महाराष्ट्र सरकार अब इस पर बैन लगाने की तैयारी कर है। विधान परिषद में बोलते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम ने कहा कि विभाग स्कूलों के पास एनर्जी ड्रिंक को लेकर एक आदेश जारी करेगा।

प्रतिबंध लगाने आदेश होगा जारी

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम ने शुक्रवार को राज्य विधान परिषद को बताया कि उनका विभाग राज्य में स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में उच्च ‘कैफीन' वाले एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी करेगा।

सूची तैयार करने दिए निर्देश

उन्होंने राज्य विधानमंडल के उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान निर्दलीय सदस्य सत्यजीत तांबे द्वारा उठाए गए एक सवाल के जवाब में यह आश्वासन दिया। आत्राम ने कहा कि ‘‘एफडीए जल्द ही राज्य में स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में अधिक कैफीन वाले एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी करेगा। वर्तमान नियमों के अनुसार एक लीटर कार्बोनेटेड या गैर कार्बोनेटेड पेय में 145 मिलीलीटर और 300 मिलीलीटर के बीच कैफीन की अनुमति है।'' परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरे ने अत्राम को आदेश के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रतिबंधित किए जाने वाले पेय पदार्थों की एक सूची तैयार करने और इसे राज्य भर में एफडीए अधिकारियों को प्रसारित करने का निर्देश दिया।

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