ED ने जबरन वसूली मामले में इकबाल कासकर के सहयोगी के ठाणे में स्थित फ्लैट को किया कुर्क

Iqbal Kaskar
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मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक जबरन वसूली मामले में ठाणे में स्थित लगभग 55 लाख रुपये के फ्लैट के रूप में अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। जो कबाल कासकर के एक करीबी सहयोगी मुमताज एजाज शेख के नाम पर है। 

बता दें कि, अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम कासकर के साथ नजदीकी के चलते आरोपी इकबाल कासकर, मुमताज शेख और इसरार अली जमील सैयद ने ठाणे में एक बिल्डर से मुमताज एजाज शेख के नाम से एक फ्लैट की रंगदारी की थी।

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प्रवर्तन निदेशालय ने एक बयान में कहा कि मुमताज एजाज शेख के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अचल संपत्ति को कुर्क करने का एक अस्थायी आदेश जारी किया गया है। ईडी ने आरोप लगाया कि इस फ्लैट को इकबाल कासकर और अन्य ने ठाणे स्थित एक रियल इस्टेट डेवलपर सुरेश देवीचंद मेहता से ‘‘जबरन वसूली'' में हासिल किया था।

 ईडी ने बताया कि फ्लैट के अलावा, बिल्डर से वसूली के तौर पर मिले 10 लाख रुपये के चार चेक भी आरोपियों ने भुनाये थे, जिसकी ‘‘उन्होंने बिल्डर से मांग की थी''। ईडी ने आरोप लगाया, ‘‘इन खातों को केवल 10 लाख रुपये की नकद राशि निकालने के लिए संचालित किया गया था और इनमें कोई अन्य लेनदेन नहीं किया गया था। इन खातों को अंतिम उपयोगकर्ता/जबरन राशि के वास्तविक उपयोगकर्ता को छिपाने के लिए संचालित किया गया था।'' 

ईडी ने सितंबर 2017 में इकबाल कासकर (अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के भाई), मुमताज शेख और इसरार अली जमील सैयद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत जबरन वसूली के लिए दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी।

जांच के बाद नवंबर 2017 में कसारवदवली पुलिस स्टेशन द्वारा महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) और आईपीसी के प्रावधानों के तहत मामले में अंतिम रिपोर्ट दर्ज की गई थी।पहले से ही जेल में बंद इकबाल कासकर को ईडी ने 18 फरवरी को धन शोधन के आरोप में नए सिरे से गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। 

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