मुंबई के ऐतिहासिक सीएसएमटी की सफाई शुरू, सैंड क्लीनिंग तकनीक से हटाई जा रही कालिख

Mumbai CSMT Sand Cleaning Work: मुंबई में प्रदूषण के कारण काली पड़ रही छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस की ऐतिहासिक इमारत की सफाई मध्य रेलवे ने सैंड क्लीनिंग पद्धति से शुरू की है।
CSMT Station Building
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन बिल्डिंग (सौ. सोशल मीडिया )
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CSMT Heritage Building Cleaning: मुंबई में वाहनों से होने वाले प्रदूषण, धुआं और धूल के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) की हेरिटेज इमारत पर काले धब्बे पड़ रहे हैं, जिससे इसकी खूबसूरती पर असर पड़ रहा है।

इस समस्या के समाधान के लिए मध्य रेलवे ने सैंड क्लीनिंग (रेत से सफाई) पद्धति के जरिए इमारत की सफाई शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया पूरे वर्ष चलने वाली है और फिलहाल मुख्य इमारत की सफाई का काम शुरू हो चुका है, ऐसा अधिकारियों ने बताया।

सीएसएमटी स्टेशन केवल एक रेलवे स्टेशन ही नहीं, बल्कि गोथिक आर्ट का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। वर्ष 1888 में निर्मित यह इमारत भारत की उन चुनिंदा इमारतों में शामिल है जिन्हें यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में स्थान मिला है। दिन-रात वाहनों की आवाजाही से निकलने वाला धुआं और प्रदूषण इस विरासत इमारत की दीवारों पर कालिख की परत जमा देता है।

इमारत का सौंदर्य धुंधला

इसके कारण इमारत का सौंदर्य धुंधला दिखाई देने लगता है। इस स्थिति को देखते हुए मध्य रेलवे ने हर वर्ष सैंड क्लीनिंग पद्धति से इसकी सफाई और रखरखाव करने का निर्णय लिया है। सैंड क्लीनिंग एक ऐसी पद्धति है, जिसमें रेत और पानी के मिश्रण को नियंत्रित दबाव के साथ इमारत की दीवारों पर छोड़ा जाता है, जिससे उस पर जमी प्रदूषण की परत हट जाती है।

कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं

इस प्रक्रिया में रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता, इसलिए इमारत की स्थापत्य संरचना पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है, इसके लिए कुशल ठेकेदारों की नियुक्ति की गई है, ऐसा अधिकारियों ने बताया। सैंड क्लीनिंग से इमारत का मूल स्वरूप फिर से दिखाई देने लगता है। इसके अलावा, पत्थर की दीवारों पर बनी कलाकृतियों को भी प्रदूषण से होने वाले नुकसान का खतरा कम हो जाता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक ऐतिहासिक विरासत इमारत है, इसकी सफाई समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार की जाती है। यह कार्य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता है। ऐसी ही एक संस्था के जरिए वर्तमान में यह सफाई कार्य कराया जा रहा है।

- डॉ स्वप्नील नीला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेलवे

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