

फडणवीस ने सरकारी योजनाओं के सर्वेक्षण को जरूरी बताया।
एक्सिस माय इंडिया लाभार्थियों के आंकड़ों और योजनाओं का विश्लेषण कर रही है।
सर्वे से योजनाओं में सुधार और लाभार्थियों तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।
Devendra Fadnavis Axis My India Survey: महाराष्ट्र में सरकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाने और उनके प्रभाव का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सर्वेक्षण जरूरी है। इससे योजनाओं की कार्यप्रणाली में गुणात्मक बदलाव लाने और जरूरत के मुताबिक सुधार करने में मदद मिलेगी।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से नियुक्त एक्सिस माय इंडिया संस्था विभिन्न सरकारी विभागों की योजनाओं का सर्वेक्षण कर रही है। इसी सिलसिले में सह्याद्री अतिथिगृह में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने सर्वेक्षण की प्रगति और उसके उद्देश्यों पर चर्चा की। मंत्री आशीष शेलार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सर्वेक्षण के तहत सरकारी योजनाओं की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही लाभार्थियों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण कर योजनाओं के परिणामों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के आधार पर भविष्य में जरूरी सुधारों की पहचान की जाएगी।
फडणवीस के अनुसार, सर्वेक्षण से लाभार्थियों का सटीक डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी। इसके जरिए यह समझा जा सकेगा कि सरकारी योजनाओं को लेकर जनता की प्रतिक्रिया कैसी है और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचने में किन बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों को जानकारी जुटाने और उसका विश्लेषण करने के दौरान बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र और सर्वेक्षण करने वाली संस्था मिलकर काम करेंगे, तो योजनाओं के मूल्यांकन और सुधार के बेहतर नतीजे सामने आ सकते हैं।
बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, राज्य मुख्य सेवा हक्क आयुक्त मनुकुमार श्रीवास्तव और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संभागीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में भाग लिया।
सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर योजनाओं की पहुंच, लाभार्थियों की प्रतिक्रिया और क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आगे की रणनीति तय की जा सकेगी।