

फसल नुकसान पर किसानों को 11 हजार से 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता।
आपदा में मृतक के परिवार को अब 8 लाख रुपये मिलेंगे।
पशुधन, मुर्गीपालन और मकान नुकसान की सहायता राशि भी बढ़ी।
Centre NDRF Assistance Norms Crop Damage: प्राकृतिक आपदा और सूखे की मार झेल रहे किसानों को केंद्र सरकार ने बड़ी आर्थिक राहत दी है। एनडीआरएफ के तहत दी जाने वाली सहायता के मानकों में बदलाव किया गया है।
नए नियमों के अनुसार, अब असिंचित खेती के नुकसान पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 11 हजार रुपये और सिंचित खेती के नुकसान पर 22 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। फल बागानों के नुकसान पर मिलने वाली राशि भी बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है।
इसके अलावा पशुधन, मुर्गीपालन और मकानों के नुकसान के लिए मिलने वाली सहायता राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन निधि के तहत आर्थिक सहायता के मानकों में संशोधन किया है।
इसके तहत असिंचित खेती के नुकसान पर मिलने वाली सहायता 8,500 रुपये से बढ़ाकर 11 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है। सिंचित खेती के लिए यह राशि 17 हजार से बढ़ाकर 22 हजार रुपये की गई है। इसी तरह फल बागानों के नुकसान पर अब 22,500 रुपये के बजाय 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे।
नए मानकों के अनुसार, प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिवार को अब 4 लाख के बजाय 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर मिलने वाली सहायता 1 लाख 25 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 60 हजार रुपये कर दी गई है। दुर्गम क्षेत्रों में मकान पूरी तरह गिरने पर यह राशि 1 लाख 30 हजार से बढ़ाकर 1 लाख 70 हजार रुपये होगी। मकान को आंशिक या मामूली नुकसान होने पर मिलने वाली सहायता भी 5 हजार से बढ़ाकर 8,500 रुपये कर दी गई है।
नए मानकों को लागू करने के लिए महाराष्ट्र सरकार को मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी देनी होगी। ऐसे में 1 अप्रैल के बाद अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को बढ़ी हुई दरों के अनुसार सहायता मिलेगी या नहीं, इस पर नजरें टिकी है। राज्य सरकार ने पहले सूखा प्रभावित किसानों की सहायता के लिए केंद्र को 31 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था।
अब सहायता के मानकों में बदलाव होने के बाद राज्य को संशोधित प्रस्ताव भेजना पड़ सकता है, केंद्र सरकार की ओर से संशोधित सहायता मानक वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू किए जाएंगे, इनकी शुरुआत वित्त वर्ष 2026-27 से होगी, ऐसे में 1 अप्रैल 2026 के बाद हुई आपदाओं से हुए नुकसान पर संशोधित दरों के अनुसार सहायता मिलने की संभावना है।
प्राकृतिक आपदा में गाय, भैस, घोड़े या ऊंट जैसे बड़े पशुओं की मृत्यु होने पर मिलने वाली सहायता 40 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।
बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं के लिए यह राशि 4 हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपये की गई है।
गधे और खच्चर जैसे भार ढोने वाले पशुओं के नुकसान पर सहायता 20 हजार से बढ़ाकर 25,400 रुपये कर दी गई है।
मुर्गीपालकों को भी राहत देते हुए प्रति मुर्गी (100 मुर्गियों तक) सहायता 100 से बढ़ाकर 130 रुपये कर दी गई है।