मैंग्रोव क्षेत्र पर होगी सीसीटीवी कैमरे की नजर

CCTV cameras will have an eye on the mangrove area
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मुंबई. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) की अध्यक्षता में महाराष्ट्र मैंग्रोव वन और सागरी जैवविविधता संवर्धन प्रतिष्ठान नियामक मंडल की चौथी बैठक में मैंग्रोव क्षेत्र (Mangrove Area) में अतिक्रमण को रोकने के लिए एक सीसीटीवी (CCTV) प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया गया और इसके लिए एक सलाहकार भी नियुक्त किया गया है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार मुंबई महानगर प्रदेश क्षेत्र में 106 संवेदनशील स्थानों पर कुल 279 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस पर 35 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 

परियोजना को तीन चरणों में लागू किया जाना है, पहले चरण में भिवंडी, दूसरे चरण में पश्चिम और मध्य मुंबई और तीसरे चरण में नवी मुंबई और ठाणे के फ्लेमिंगो अभयारण्य क्षेत्र का समावेश किया गया है। मैन्ग्रोव प्रतिष्ठान की ओर से  विकसित किए जा रहे प्रकृति क्षेत्रों, ठाणे खाड़ी फ्लेमिंगो अभयारण्य और अन्य गतिविधियों में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर पर्यटन को बढ़ावा देने का प्लान है।

मैन्ग्रोव बचाओ, मैंग्रोव वन वृक्ष लगाओ

 बैठक में मुख्यमंत्री ठाकरे ने यह भी सुझाव दिया कि मैन्ग्रोव को बचाने और तटीय क्षेत्रों में मैंग्रोव के पेड़ लगाने के लिए बड़े पैमाने पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मैन्ग्रोव प्रतिष्ठान की ओर से विकसित किए जा रहे हैं, ठाणे बे फ्लेमिंगो अभयारण्य और अन्य गतिविधियों द्वारा विकसित किए जा रहे प्रकृति क्षेत्रों को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए। योजना मंडल की बैठक में पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे, विधायक वैभव नाईक, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव आशीष कुमार सिंह, पर्यावरण विभाग की प्रधान सचिव मनीषा म्हैसकर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विकास खारगे, वन विभाग के प्रधान सचिव वेणुगोपाल रेड्डी उपस्थित थे।

वडाला में मैंग्रोव अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र

एमएमआरडीए ने एमटीएचएल परियोजना के तहत मैन्ग्रोव अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए 10 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं, जिसमें से भक्ति पार्क, वडाला में मैंग्रोव अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए सबसे कम निविदा देने वाली मे। टंडन अर्बन सॉल्यूशंस प्रा। लिमिटेड इस कंपनी का चयन किया गया है। आज की बैठक में इसे भी मंजूरी दी गई।

पक्षियों के स्थलांतर मार्ग का अध्ययन

बैठक में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के निदेशक द्वारा महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों के प्रवासी पक्षियों के स्थलांतर मार्गों का अध्ययन करने के लिए प्रस्तुत एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना की अवधि पांच वर्ष है। इसके लिए मैन्ग्रोव फाउंडेशन और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के बीच एक समझौता ज्ञापन पर करार किया गया।

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